स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
छात्राओं को महिला सुरक्षा व साइबर अपराध से बचाव के प्रति किया जागरूकपिकप ने स्कूटी सवार मां बेटी को मारी ठोकर, बेटी की मौत, मां की हालत गंभीरजलालपुर में जीएसटी विभाग की टीम ने दुकानों पर की जांच, दस्तावेजों का किया निरीक्षणफाइव स्टार होटलों से जेल की बैरक तक पहुंची श्रद्धा दुबे की जिंदगीदीपावली मेले में बिखरे उत्तर प्रदेश की कला व संस्कृति के रांगप्राथमिक विद्यालय लोढ़ी में स्थापित हुई एस्ट्रो लैब, डीएम ने किया लोकार्पणदिव्यांग बच्चों ने डेयरी और बिस्किट फैक्ट्री में सीखी आधुनिक तकनीकऋषिकेश में महा योग ध्यान कुंभ के दूसरे दिन सामूहिक ध्यान और राष्ट्रीय विस्तार पर मंथनमतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए जिलेभर में विशेष कैंप, डीएम ने किया निरीक्षणएम्स में वाहनों की पार्किंग पर शुल्क वसूली से लोगों में आक्रोशछात्राओं को महिला सुरक्षा व साइबर अपराध से बचाव के प्रति किया जागरूकपिकप ने स्कूटी सवार मां बेटी को मारी ठोकर, बेटी की मौत, मां की हालत गंभीरजलालपुर में जीएसटी विभाग की टीम ने दुकानों पर की जांच, दस्तावेजों का किया निरीक्षणफाइव स्टार होटलों से जेल की बैरक तक पहुंची श्रद्धा दुबे की जिंदगीदीपावली मेले में बिखरे उत्तर प्रदेश की कला व संस्कृति के रांगप्राथमिक विद्यालय लोढ़ी में स्थापित हुई एस्ट्रो लैब, डीएम ने किया लोकार्पणदिव्यांग बच्चों ने डेयरी और बिस्किट फैक्ट्री में सीखी आधुनिक तकनीकऋषिकेश में महा योग ध्यान कुंभ के दूसरे दिन सामूहिक ध्यान और राष्ट्रीय विस्तार पर मंथनमतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए जिलेभर में विशेष कैंप, डीएम ने किया निरीक्षणएम्स में वाहनों की पार्किंग पर शुल्क वसूली से लोगों में आक्रोश

भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ पर राज्यसभा में स्वतंत्रता सेनानियों को दी गई श्रद्धांजलि

भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ पर राज्यसभा में स्वतंत्रता सेनानियों को दी गई श्रद्धांजलि

स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के सम्मान में कुछ क्षण का रखा मौन।

एजेंसी। नई दिल्ली। राज्यसभा में शुक्रवार को भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उच्च सदन के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने कहा कि नौ अगस्त, 2026 को भारत के स्वतंत्रता संग्राम के एक महत्वपूर्ण पड़ाव भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ है। उन्होंने कहा कि नौ अगस्त, 1942 को महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन ने देश की आजादी की लड़ाई को निर्णायक गति प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि करो या मरो के आह्वान ने देशभर के लाखों भारतीयों को सभी बाधाओं से ऊपर उठकर एकजुट होने और राष्ट्र की स्वतंत्रता के साझा लक्ष्य के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी।
सभापति ने कहा कि गंभीर दमन, जेल और अनेक कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद स्वतंत्रता सेनानियों ने असाधारण साहस, दृढ़ संकल्प और भारत की आजादी के प्रति अटूट प्रतिबद्धता दिखाई। उनके निस्वार्थ बलिदान और दृढ़ इच्छाशक्ति ने स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत किया तथा 1947 में देश की आजादी का मार्ग प्रशस्त किया। राधाकृष्णन ने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल सभी लोगों और मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वालों को सम्मानपूर्वक याद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के देशभक्ति, एकता, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण के आदर्श आज भी मजबूत, समृद्ध और समावेशी भारत के निर्माण के सामूहिक प्रयासों में हमें प्रेरित करते हैं। सभापति ने कहा कि करो या मरो के नारे के साथ भारतीयों ने आजादी के लिए जो संघर्ष किया उसकी वजह से ही हम आज आजाद हवा में सांस ले रहे हैं। इसके बाद सदस्यों ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के सम्मान में अपने कुछ क्षण का मौन रखा।

 

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें