रूरा थाना क्षेत्र के हीरानगर गांव के पास मंगलवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। नहर/बंबे पर रखे लोहे के गाटर के सहारे साइकिल से बंबा पार कर रहे एक 46 वर्षीय मजदूर की अनियंत्रित होकर गहरे पानी में गिरने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और मृतक के परिवार में कोहराम मच गया।
कैसे हुआ हादसा

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, हीरानगर गांव निवासी धनपत (40 वर्ष) पुत्र श्रीराम पेशे से मजदूर था और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मंगलवार सुबह करीब 9:00 बजे धनपत अपनी साइकिल से बैजू पुरवा गांव मजदूरी के पैसे लेने जा रहा था। गांव के पास से गुजरे बंबे को पार करने के लिए कोई सुरक्षित पुल न होने के कारण वहां लोहे का गाटर रखा हुआ था। गाटर से साइकिल निकालते समय अचानक संतुलन बिगड़ गया, जिससे धनपत साइकिल समेत सीधे बंबे के गहरे पानी में जा गिरा। घटना के वक्त वहां से गुजर रहे राहगीर अवधेश ने जब धनपत को बंबे में गिरते देखा, तो तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को इकट्ठा किया।

ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला और परिजनों को सूचना दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और धनपत ने दम तोड़ दिया था।
धनपत की मौत की खबर मिलते ही उसकी पत्नी सीमा, मां रामसखी और भाई का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य की असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम रूरा चौकी इंचार्ज विनोद कुमार के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की।
थानाध्यक्ष सुधीर भारद्वाज ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल को मौके पर भेजा गया था। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रविकांत दुबे,(कानपुर देहात)










