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Samsung at 30: भारत Samsung के लिए ग्लोबल इनोवेशन हब बन चुका है: JB Park

भारत – Sep 07, 2026 – भारत अब केवल वह इंडस्ट्री नहीं रहा जहां वैश्विक तकनीकों को पेश किया जाता है, बल्कि यह ऐसा देश बन चुका है जो दुनिया के लिए तकनीक की कल्पना, इंजीनियरिंग और विकास में योगदान दे रहा…

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Samsung at 30: भारत Samsung के लिए ग्लोबल इनोवेशन हब बन चुका है: JB Park

भारत – Sep 07, 2026 – भारत अब केवल वह इंडस्ट्री नहीं रहा जहां वैश्विक तकनीकों को पेश किया जाता है, बल्कि यह ऐसा देश बन चुका है जो दुनिया के लिए तकनीक की कल्पना, इंजीनियरिंग और विकास में योगदान दे रहा है। Samsung South West Asia के President और CEO JB Park ने Samsung के भारत में 30 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह बात कही।

Park ने कहा, “भारत की जो बात मुझे सबसे अधिक प्रेरित करती है, वह यह है कि यह देश लगातार आगे बढ़ता है और उम्मीदों से आगे निकलता है। आज हम भारत को केवल 1.4 अरब लोगों के बाजार के रूप में नहीं देखते। हम भारत को ऐसी जगह के रूप में देखते हैं, जहां तकनीक का भविष्य कल्पित, विकसित और नेतृत्व किया जा रहा है।”

Samsung ने 1995 में भारत में प्रवेश किया था। पिछले तीन दशकों में, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती डिजिटल और इनोवेशन अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में विकसित हुआ है। इसी दौरान Samsung ने देश में अपने मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क का विस्तार किया, रिसर्च और डिजाइन क्षमताओं को मजबूत किया और भारत में एक मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार करने में निवेश किया।

Park ने कहा, “भारत में Samsung की कहानी कभी सिर्फ उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं रही। यह भारत के साथ मिलकर आगे बढ़ने की कहानी रही है। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने भारत में तकनीक लाने से लेकर भारत के साथ मिलकर तकनीक बनाने तक का सफर तय किया है।”

भारत के साथ मिलकर तकनीक का निर्माण
भारत का पैमाना, विविधता और तेजी से विकसित होता तकनीकी परिदृश्य इस बात को लगातार प्रभावित कर रहा है कि Samsung इनोवेशन को किस तरह देखता और आगे बढ़ाता है।

बेंगलुरु और नोएडा में Samsung के R&D इंजीनियर अपने वैश्विक R&D नेटवर्क के सहयोगियों के साथ मिलकर काम करते हैं और भारत के साथ-साथ दुनिया के लिए भी तकनीकों और अनुभवों के विकास में योगदान देते हैं।

Park ने कहा, “भारत हमें इनोवेशन के नए तरीके तलाशने के लिए प्रेरित करता है। इतने बड़े और विविधतापूर्ण देश के लिए उत्पाद तैयार करने का मतलब है ऐसी solutions तैयार करना जो सहज, समावेशी और अलग-अलग जरूरतों वाले करोड़ों लोगों के लिए प्रासंगिक हों। इनमें से कई innovations आगे चलकर दुनियाभर के उपभोक्ताओं के लिए भी उपयोगी साबित होते हैं।”

जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपभोक्ता तकनीक को बदल रहा है, भारत में Samsung के इंजीनियर अगली पीढ़ी के AI अनुभवों को विकसित करने के लिए वैश्विक टीमों के साथ भी मिलकर काम कर रहे हैं।

Park ने कहा, “AI तभी सार्थक होगा, जब वह वास्तविक लोगों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करेगा। और भारत जैसी बहुत कम जगहें हैं, जहां से हमें वास्तविक जरूरतों को समझने और उनके समाधान विकसित करने की इतनी गहरी समझ मिलती है।”

उन लोगों में निवेश, जो आने वाले कल का निर्माण करेंगे
भारत में Samsung का निवेश केवल मैन्युफैक्चरिंग और R&D तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि कंपनी ने टैलेंट, स्किल्स, शिक्षा और इनोवेशन के क्षेत्र में भी निवेश किया है।

Park ने कहा, “तकनीक अपने आप प्रगति नहीं लाती। प्रगति लोग लाते हैं। हमारा मानना है कि मानवीय क्षमता सबसे महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म है।”

Samsung, Samsung Innovation Campus और Solve for Tomorrow जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से भविष्य के innovators को तैयार कर रहा है। Samsung Innovation Campus युवाओं को AI और coding सहित भविष्य की तकनीकों से जुड़े कौशल प्रदान करता है, जबकि Solve for Tomorrow युवा innovators को वास्तविक दुनिया की समस्याओं के समाधान के लिए अपने विचारों को आगे बढ़ाने हेतु एक मंच, mentorship और सहयोग प्रदान करता है।

भारत में अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका Solve for Tomorrow, अब केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि एक “innovation pipeline” के रूप में विकसित हो रहा है। इसमें युवा अपने समुदायों की समस्याओं की पहचान करते हैं और तकनीक के माध्यम से उनके संभावित समाधान विकसित करते हैं।

Park ने कहा, “युवा आज तकनीक का इस्तेमाल समाज के सामने मौजूद कुछ सबसे गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए कर रहे हैं। यही वह इनोवेशन है, जिसकी भारत को आज और भविष्य में जरूरत है।”

आगे की दिशा पर बात करते हुए Park ने कहा कि Samsung की महत्वाकांक्षा भारत को इनोवेशन की अगली लहर का नेतृत्व करने में मदद करना है, ताकि ऐसे innovations विकसित किए जा सकें जो दुनियाभर के लोगों के जीवन को बेहतर बना सकें।

भारत में तीन दशक पूरे होने के अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत में Samsung की विरासत का आकलन केवल उन उत्पादों, मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और रिसर्च क्षमताओं से नहीं किया जाना चाहिए, जिन्हें कंपनी ने विकसित करने में मदद की है, बल्कि उन लोगों और विचारों से भी किया जाना चाहिए, जिन्हें कंपनी ने आगे बढ़ने और आकार लेने में मदद की है।

Park ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि हमारी विरासत को अंततः उन डिवाइसेज से परिभाषित किया जाएगा, जिन्हें हमने बनाया। मेरा मानना है कि यह उन सपनों से परिभाषित होगी, जिन्हें हमने उड़ान देने में मदद की।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर Samsung उस पीढ़ी को आकार देने में छोटी-सी भी भूमिका निभा सके, तो यह भारत में हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। क्योंकि सबसे स्थायी तकनीक हमेशा वह नहीं होती, जिसे हम बनाते हैं। कई बार, वह उन विचारों में होती है, जिन्हें हम लोगों के भीतर जगाते हैं।”