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RTO के चक्कर हुए कम! डिजिटल व्यवस्था से बदली परिवहन सेवाओं की तस्वीर, 49 सेवाएं हुईं फेसलेस

RTO के चक्कर हुए कम! डिजिटल व्यवस्था से बदली परिवहन सेवाओं की तस्वीर, 49 सेवाएं हुईं फेसलेस

उत्तर प्रदेश में परिवहन सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में परिवहन विभाग ने तकनीक के जरिए आम लोगों के लिए कई सेवाओं को आसान, पारदर्शी और तेज बनाया है। इसका लाभ लाखों वाहन मालिकों और ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को मिल रहा है।

प्रदेश में वर्तमान समय में 5 करोड़ 30 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें करीब 35 लाख वाणिज्यिक वाहन और लगभग 5 करोड़ निजी वाहन शामिल हैं। इतने बड़े परिवहन नेटवर्क के संचालन के लिए विभाग अब आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘वाहन’ (VAHAN) और ‘सारथी’ (SARATHI) पोर्टल का उपयोग कर रहा है।

ऑनलाइन हो रही हैं परिवहन सेवाएं

डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद परिवहन विभाग की कई सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं। ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, टैक्स भुगतान, परमिट से जुड़ी प्रक्रियाएं और अन्य सेवाओं के लिए लोगों को पहले की तरह बार-बार आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।

विभाग के अनुसार, वर्तमान में 49 सेवाएं पूरी तरह फेसलेस और कॉन्टैक्टलेस मोड में उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे आवेदन प्रक्रिया अधिक सरल हुई है और लोगों का समय भी बच रहा है।

वाहन पंजीकरण में ये जिले आगे

वाहन पंजीकरण के मामले में लखनऊ का ट्रांसपोर्ट नगर आरटीओ प्रदेश में अग्रणी माना जा रहा है। इसके अलावा प्रयागराज, कानपुर, आगरा और वाराणसी भी शीर्ष जिलों में शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में वाहनों का पंजीकरण किया गया है।

ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया भी हुई आसान

ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं में भी डिजिटल बदलाव का असर दिखाई दे रहा है। ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से बड़ी संख्या में नए लाइसेंस जारी किए गए हैं। इससे आवेदकों को लंबी प्रक्रिया और अनावश्यक परेशानियों से राहत मिली है।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

सरकार का दावा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से परिवहन सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ी है और प्रक्रियाएं अधिक जवाबदेह बनी हैं। ऑनलाइन व्यवस्था के कारण सेवाओं की निगरानी आसान हुई है, जबकि आम नागरिकों को भी घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।

परिवहन विभाग का मानना है कि डिजिटल गवर्नेंस के जरिए न केवल सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बल्कि लोगों को तेज और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने में भी सफलता मिली है।

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