घर से चार सौ मीटर दूर बालक का शव मिला, सिर पर गहरे घाव
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। नाबालिग से दुष्कर्म और निर्मम हत्या के मामले को लेकर पुलिस ने वैज्ञानिक तथ्यों पर विवेचना, अचूक साक्ष्य संकलन के साथ प्रभावी पैरवी कराते हुए दोषी अभियुक्त को मात्र एक माह में फांसी की सजा दिलाने का सफल प्रयास किया। मामला बहराइच के कैसरगंज का है। लक्ष्मन निषाद का पुत्र उम्र 7 वर्ष 12 मई की रात्रि को गांव के शादी कार्यक्रम में गया था। रात में घर न लौटने पर परिजनों ने दूसरे दिन खोजबीन की तो चार सौ मीटर की दूरी पर लड़के का शव पड़ा मिला, जिसके सिर पर घाव थे। परिजनों से स्थानीय थाने पर सूचना दी।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारी कैसरगंज के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन करते हुए आवश्यक निर्देश दिये। घटना के खुलासे के लिए थाना कैसरगंज पुलिस टीम ने गहन पूछताछ एवं साक्ष्य संकलन की कार्यवाही के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि अभियुक्त ने बालक की हत्या से पूर्व बालक का दुष्कर्म किया गया था, जिसके सम्बन्ध में वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किये गये थे। पुलिस टीम ने ग्राम घाघी रघौली मंझारा तौकली स्थित एक बाग से अभियुक्त मुकेश कुमार निषाद पुत्र राम सुमिरन उम्र करीब 20 वर्ष को 13 मई को गिरफ्तार किया गया था।
जिसने पूछताछ करने पर स्वीकार किया कि उसने लक्ष्मण निषाद से पुरानी रंजिश को लेकर उसके बेटे के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म कर उसकी निर्मम हत्या की थी। विवेचनात्मक कार्यवाही के उपरान्त अभियुक्त के विरुद्ध 1 माह के अन्दर आरोप दाखिल कर दिया। इसके बाद न्यायालय ने आरोपो को 22 जून को सुनवाई करते हुए अभियुक्त को 23 जुलाई को को मृत्युदंड की सजा सुना दी।










