तीन दिन बाद बेहता नाले में मिला सूरज का शव, गांव में कोहराम

तीन किलोमीटर दूर झाड़ियों में फंसा मिला शव, एसडीआरएफ और प्राइवेट गोताखोरों ने चलाया सर्च ऑपरेशन
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। रहीमाबाद के तरौना गांव के पास बेहता नाले में डूबे 18 वर्षीय सूरज का शव शनिवार सुबह तीसरे दिन बरामद हो गया। एसडीआरएफ और निजी गोताखोरों की टीम ने शनिवार सुबह सर्च ऑपरेशन चलाया। घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर गोझिहार गांव के पास निर्माणाधीन पुल के नजदीक दक्षिण दिशा में झाड़ियों में शव फंसा मिला। शव मिलने की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे एसडीआरएफ ने तलाश अभियान शुरू किया। टीम लीडर उपनिरीक्षक आकाश शंकर मिश्रा के नेतृत्व में टीम समेत अन्य प्राइवेट गोताखोर अभियान में शामिल रहे।

ग्रामीण गोताखोर विजय की टीम भी दो छोटी नावों की मदद से तलाश कर रही थी। करीब साढ़े तीन किलोमीटर के दायरे में खोजबीन के दौरान ढाई घंटे बाद सूरज का शव बरामद हुआ। तीन दिन तक पानी में रहने के कारण शव फूल गया था और उससे दुर्गंध आ रही थी। तरौना गांव निवासी सूरज गुरुवार शाम करीब पांच बजे दोस्त रोहित के बुलाने पर बेहता नाले में जलकुंभी में फंसी विष्णु मौर्य की भैंस को बचाने पहुंचा था। युवकों ने भैंस को निकालने के लिए बिजली के खंभे से रस्सी बांधी और उसे पकड़कर नाले में उतर गए। सूरज भी जूट की रस्सी पकड़कर पानी में आगे बढ़ा, तभी अचानक उसके हाथ से रस्सी छूट गई। तेज बहाव के कारण वह गहरे पानी में चला गया।

बताया गया कि नाले में करीब 30 फीट गहरा पानी था और सूरज को तैरना नहीं आता था। दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके अलावा शुक्रवार को युवक का पता नहीं चलने और स्कूबा गोताखोरों की टीम नहीं बुलाए जाने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने लखनऊ-हरदोई हाईवे पर गांव के निकट जाम लगा दिया था। करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस के समझाने पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। इसके बाद एसडीआरएफ और निजी गोताखोरों ने दिनभर तलाश अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। हादसे में डूबी भैंस का शव घटनास्थल से करीब 300 मीटर दक्षिण दिशा में झाड़ियों में फंसा मिला था।
कई जनप्रतिनिधि नेता मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने उच्चाधिकारियों से फोन पर बात कर तलाश अभियान में अतिरिक्त टीमें लगाने की मांग की थी। तहसीलदार नितिन सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। शनिवार को शव बरामद होने के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मौके पर एसीपी मलिहाबाद ज्ञानेंद्र सिंह, रहीमाबाद इंस्पेक्टर अरुण कुमार त्रिगुणायक, मलिहाबाद इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।



