एसआरएचयू पहुंचे हैप्पी होम मोंटेसरी स्कूल के छात्र, डिजिटल लत और करियर विकल्पों पर हुआ मंथन

स्क्रीन टाइम के दुष्प्रभावों से बचने और 12वीं के बाद करियर चुनने के दिए टिप्स
ऋषिकेश। रजनी गोयल
हैप्पी होम मोंटेसरी स्कूल के कक्षा 12 के विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय के विद्यार्थियों ने स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों को अत्यधिक स्क्रीन टाइम, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, मानसिक एकाग्रता और डिजिटल विकर्षणों से बचने के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही 12वीं के बाद उच्च शिक्षा एवं करियर के विभिन्न विकल्पों पर संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसआरएचयू की ओर से प्रशांत ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया, जबकि प्रियंका भी उपस्थित रहीं।
सत्र में बताया गया कि मोबाइल नोटिफिकेशन, शॉर्ट वीडियो और ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती आदत विद्यार्थियों की एकाग्रता, पढ़ाई में रुचि और दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान और सोने से पहले मोबाइल से दूरी बनाने, शारीरिक गतिविधियों, आउटडोर खेल, रचनात्मक कार्यों और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी गई। नियंत्रित श्वास, माइंडफुलनेस और स्क्रीन से नियमित विराम जैसी तकनीकों के माध्यम से तनाव कम करने तथा अध्ययन में एकाग्रता बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके भी बताए गए।
करियर मार्गदर्शन सत्र में विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को चिकित्सा, पैरामेडिकल, इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों की जानकारी दी गई। वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंसी, कंपनी सेक्रेटरी, बैंकिंग, वित्त, व्यवसाय प्रबंधन और उद्यमिता के अवसरों पर चर्चा हुई। वहीं, कला एवं मानविकी के विद्यार्थियों को सिविल सेवा, पत्रकारिता, जनसंचार, मनोविज्ञान, कानून, डिजाइन और सामाजिक कार्य जैसे करियर विकल्पों से अवगत कराया गया। विद्यार्थियों को अपनी रुचि, क्षमता और शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप भविष्य की योजना बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस शैक्षणिक भ्रमण में विद्यार्थियों को डिजिटल आदतों के प्रति जागरूकता, परीक्षा के तनाव को प्रबंधित करने और करियर संबंधी निर्णय लेने के लिए उपयोगी मार्गदर्शन मिला। स्कूल की ओर से शिक्षिका धनेश्वरी फरसवान, राजेश कुमार और अंकित सिंह राजपूत उपस्थित रहे। यह भ्रमण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की संभावनाओं को समझने तथा भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ।



