बलरामपुर।शहर के अग्रेंजी माध्यम विद्यालय पॉयनियर पब्लिक स्कूल एण्ड कॉलेज, बलरामपुर में ‘शिक्षक दिवस‘ मनाया गया। ‘शिक्षक दिवस‘ के अवसर पर विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डा0 एम0पी0 तिवारी, प्रबन्धक इं0 आकाश तिवारी व उप प्रधानाचार्या शिखा पाण्डेय ने मुख्य अतिथि डॉ0 जे0पी0 तिवारी पूर्व विभागाध्यक्ष वनस्पति विज्ञान एम0एल0के0पी0जी0 कालेज बलरामपुर को बैज लगाकर, पुष्प गुच्छ देकर तथा अंगवस्त्र पहनाकर हार्दिक स्वागत व अभिनंदन करते हुए उपहार देकर सम्मानित किया। तत्पश्चात् मुख्य अतिथि महोदय नें फीता काटकर कार्यक्रम की शुरूआत की।
विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डॉ0 एम0पी0 तिवारी ने अपने गुरू मुख्य अतिथि डॉ0 जे0पी0 तिवारी पूर्व विभागाध्यक्ष वनस्पति विज्ञान एम0एल0के0पी0जी0 कालेज बलरामपुर एवं विद्यालय के अध्यक्ष डॉ0 प्रेम नरायन तिवारी का जल व पुष्प से पैर प्रच्छालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया, अपने शिष्य के द्वारा पैर प्रच्छालन से मुख्य अतिथि भावविभोर हो गये, और इस प्रकार सम्मान पाकर उनके आँखों मे आँसू आ गये। तत्पश्चात प्रबन्ध निदेशक ने अपने गुरू के पैर तौलिये से पोछा मनमोहक आरती का थाल सजाकर सबकी आरती उतारी एवं रोली टीका किया।
तत्पश्चात् मुख्य अतिथि सहित विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डा0 एम0पी0 तिवारी, विद्यालय के अध्यक्ष डॉ0 प्रेम नरायन तिवारी, कोषाध्यक्षा मीता तिवारी, प्रबन्धक इं0 आकाश तिवारी, निदेशक प्रकृति तिवारी एवं उप प्रधानाचार्या/उप प्रधानाचार्य शिखा पाण्डेय एवं राघवेन्द्र त्रिपाठी नें भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यपर्ण करके द्धीप प्रज्जवलित किया।

‘‘शिक्षक दिवस‘ के अवसर पर विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक ने बच्चों को बताया कि हम ‘शिक्षक दिवस‘ क्यों मनाते है। ये आप सभी को पता है। आज के दिन यानि 5 सितम्बर को हमारे भूतपूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था। वे राष्ट्रपति बनने के पूर्व एक शिक्षक थे। उन्होनें अपना पूरा जीवन दूसरों को मार्गदर्शन प्रदान किया और छात्रों को ज्ञान देकर मार्ग प्रसस्त किया। जो बच्चे अभी छात्र है ये ही लोग देश को आगे संभालेंगे। हमें सबसे पहले देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना होगा। हम अपने देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार कर लेते है तो आपरूपी हमारा देश तरक्की करेगा, आगे बढ़ेगा, गरीबी मिटेगी और लोग खुद ब खुद अपने पसंद के अनुसार अपना रोजगार व अपनी मंजिल को प्राप्त कर सकते है।
‘शिक्षक दिवस‘ के अवसर पर प्रबन्ध निदेशक ने समस्त बच्चों को संदेश दिया कि जिस प्रकार कुम्हार मिट्टी को बर्तन का आकार देता है, ठीक उसी प्रकार शिक्षक छात्र के जीवन को मूल्यवान बनाता है। जिस तरह एक पक्की नींव ही ठोस और मजबूत भवन का निर्माण करती है, ठीक उसी प्रकार शिक्षक विद्यार्थी रूपी नींव को सुदृढ़ करके उस पर भविष्य में सफलता रूपी भवन खड़ा करने में सहायता करता है। एक शिक्षक ही है जो मनुष्य को सफलता की बुलंदियों तक पहुंचाता है और जीवन में सही और गलत को परखने का तरीका बताता है। कहा जाता है कि एक बच्चे के जीवन में उसकी माँ पहली गुरू होती है, जो हमे इस संसर से अवगत कराती है। वहीं दूसरे स्थान पर शिक्षक होते है, जो हमें सांसारिक बोध कराते है। शिक्षक से हमारा संबंध बौद्धिक और आंशिक होता है।
‘शिक्षक दिवस‘ के अवसर पर विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अन्तर्गत समूह नृत्य कक्षा-2 (गीत-लव यू टीचर्स) नामक गीत पर अभेदया, चाहत, रीत एवं अनुग्या कक्षा-3 से (गीत-छोड़ मम्मी का हाथ) नामक गीत पर काव्या, हलाता, विधि, अनाया, आराध्या, सुशांत, संस्कार एवं आयुष्मान कक्षा-4 से (गीत- गुरू में संसार समाया ) नामक गीत पर मोहनी, द्श्या, सुशांत एवं आरव कक्षा-5 से (गीत- मिले हो तुम हमको) नामक गीत पर आशी, अवन्तिका, श्रद्धा, नितिका, इबरा, कोमल एवं आस्था कक्षा-6 से (गीत- गुरू ब्रह्मा गुरू विष्णु)) नामक गीत श्रेया, रिया, अनन्या, आदि छात्र-छात्राओं ने सुन्दर-सुन्दर नृत्य प्रस्तुत करके दर्शकों का मन मोह लिया। इसी क्रम में विद्यालय के अध्यापक/अध्यापिकाओं के नेतृत्व में सभी छात्र-छात्राओं ने अल्पाहार करवाया।
अन्त में ‘शिक्षक दिवस‘ के अवसर पर विद्यालय के आडिटोरियम में विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक, कोषाध्यक्षा, प्रबन्धक, निदेशक एवं उप प्रधानाचार्या/उप प्रधानाचार्य एवं अध्यापक/अध्यापिकाओं सहित छात्र/छात्राओं के साथ केक काटकर उनका मुँह मीठा कराया और सामूहिक नृत्य भी किया तथा छात्र/छात्राओं को टॉफी, बिस्कुट, समोसा एवं कोल्ड ड्रिक आदि खिलाया पिलाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के कोषाध्यक्षा, उप प्रधानाचार्या /प्रधानाचार्य तथा समस्त अध्यापक/अध्यापिकाओं नें बच्चों के मनमोहक कार्यक्रम को देखकर सराहना की तथा बच्चों को प्रोत्साहित किया। विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक ने ‘शिक्षक दिवस‘ पर समस्त अध्यापक, अध्यापिकाओं तथा समस्त स्टाफ को जलपान कराया एवं उपहार देकर सम्मानित करके उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हए कार्यक्रम का समापन किया।