सूरतगंज,बाराबंकी। सरयू नदी का जलस्तर शनिवार को एल्गिन ब्रिज पर 106.340 मीटर पहुंचकर स्थिर हो गया।नदी खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से गांवों की ओर फैलने से सूरतगंज ब्लॉक के करीब दो दर्जन गांव प्रभावित हो गए हैं।हालात बिगड़ने की आशंका को लेकर ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही है। रामनगर तहसील के ब्लॉक सूरतगंज क्षेत्र के सुंदरनगर, कोडरी, ललपुरवा, हेतमापुर, बाबापुरवा, बलईपुर, मदरहा, कोयलीपुरवा, चौधरीपुरवा, केदारीपुर, बेलहरी और नदी के उसपार पड़ने वाले जमका,खुज्जी समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है इनमें सुंदरनगर की स्थिति सबसे गंभीर है। यहां पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है। जलभराव बढ़ने पर ग्रामीण जरूरी सामान समेटकर तटबंध की ओर जाने लगे हैं, जिससे तटबंध पर भी भीड़ बढ़ने लगी है। इधर, बाढ़ के साथ सरयू की तेज धारा कटान कर आबादी के लिए खतरा बढ़ा रही है। केदारीपुर से हेतमापुर के बीच कटान रोकने के लिए लगाए गए परक्यू पाइन तेज धारा में बह गए। इससे हेतमापुर में कटान का खतरा बढ़ गया है।

कटान की जद में दूरसंचार विभाग की बिल्डिंग भी आती नजर आ रही है। नदी का कटान जारी रहा तो भवन को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की टीम लगातार बचाव कार्य में जुटी है। नदी की धारा को नियंत्रित करने के लिए बंबू कटर, परक्यू पाइन और ईंट से भरी बोरियां नदी में डाली जा रही हैं। तेज बहाव के कारण बचाव कार्य में भी चुनौतियां आ रही हैं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रख रहा है और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए तहसील प्रशासन की ओर से करीब 800 लोगों को लंच पैकेट वितरित किए गए हैं।और मवेशियों के लिए भूषा वितरण किया गया है प्रशासन का कहना है कि जलस्तर स्थिर होने के साथ कटान की रफ्तार भी धीमी हुई है, लेकिन नदी अभी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। ऐसे में प्रशासन की निगरानी लगातार जारी है।
“सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद करीब 800 बाढ़ पीड़ितों को भोजन के लिए लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। अब नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है और कटान की रफ्तार भी धीमी हुई है। तहसील प्रशासन लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट है और जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है।”