स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू हाइलो ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचीं, अनमोल खरब से होगा मुकाबला, लक्ष्य सेन भी अंतिम चार में
सिंधू ने जर्मनी की अमाली शुल्ज को सीधे गेम में 21-12, 21-10 से हराया। वहीं, लक्ष्य सेन ने भी पुरुष एकल के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।

- अनमोल खरब और उन्नति हुड्डा के बीच मुकाबला एक घंटे आठ मिनट तक चला। तीन गेम तक चले इस रोमांचक मुकाबले में अनमोल ने शानदार खेल दिखाते हुए जीत दर्ज की।
सारब्रकेन (जर्मनी)। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हाइलो ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल सेमीफाइनल में जगह बना ली। शुक्रवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सिंधू ने जर्मनी की अमाली शुल्ज को सीधे गेम में 21-12, 21-10 से हराया। वहीं, लक्ष्य सेन ने भी पुरुष एकल के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।
सेमीफाइनल में सिंधू का सामना हमवतन अनमोल खरब से होगा। अनमोल ने कड़े मुकाबले में छठी वरीयता प्राप्त उन्नति हुड्डा को 21-17, 18-21, 21-16 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। दोनों भारतीय खिलाड़ियों के सेमीफाइनल में आमने-सामने होने से महिला एकल वर्ग में भारत का फाइनल में पहुंचना तय हो गया है।दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने अमाली शुल्ज के खिलाफ महज 27 मिनट में जीत दर्ज की। उन्होंने मुकाबले के दौरान कुल 64 अंकों में से 42 अंक अपने नाम किए। सिंधू ने पहले गेम में 21-12 से जीत हासिल की, जबकि दूसरे गेम में भी अपना दबदबा कायम रखते हुए 21-10 से मुकाबला जीत लिया।वहीं, अनमोल खरब और उन्नति हुड्डा के बीच मुकाबला एक घंटे आठ मिनट तक चला। तीन गेम तक चले इस रोमांचक मुकाबले में अनमोल ने शानदार खेल दिखाते हुए जीत दर्ज की।
लक्ष्य सेन ने वापसी कर बनाई सेमीफाइनल में जगह
पुरुष एकल वर्ग में भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने भी शानदार वापसी करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में फिनलैंड के काले कोलजोनेन को एक घंटे छह मिनट तक चले मुकाबले में 14-21, 21-17, 21-13 से शिकस्त दी।पहला गेम गंवाने के बाद लक्ष्य ने जोरदार वापसी की और लगातार दो गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। सेमीफाइनल में अब उनका सामना फ्रांस के टोमा जूनियर पोपोव से होगा।इस तरह हाइलो ओपन में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। सिंधू, अनमोल और लक्ष्य सेन की नजरें अब फाइनल में जगह बनाने पर टिकी हैं।



