स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
फैजुल्लागंज में बाढ़ पीड़ितों के लिए अभियान जारीप्रशांत के हरफनमौला प्रदर्शन से नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे ने ध्रुव क्रिकेट अकादमी को 21 रन से हरायाविवाहिता की मौत के मामले में पति ने दी तहरीर, जांच के बाद दर्ज होगा मुकदमाएसआरएचयू पहुंचे हैप्पी होम मोंटेसरी स्कूल के छात्र, डिजिटल लत और करियर विकल्पों पर हुआ मंथनपत्नी के मायके जाने से आहत पति ने फांसी लगाकर दी जानजिलाधिकारी ने धान की क्रॉप कटिंग का किया निरीक्षणअनधिकृत प्रैक्टिस की जांच के लिए समिति गठित, डॉ. राजे नेगी बने मुख्य सलाहकारचलती कार में लगी आग, चालक समेत दो लोगों ने कूदकर बचाई जानरवि शंकर ने जीती महाना मेमोरियल शतरंज टूर्नामेंट की ट्रॉफी, कुलदीप शंकर को दूसरा स्थानचक्रवात ‘अर्णब’ को लेकर यूपी में अलर्ट, राहत-बचाव की तैयारियों में जुटी योगी सरकारफैजुल्लागंज में बाढ़ पीड़ितों के लिए अभियान जारीप्रशांत के हरफनमौला प्रदर्शन से नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे ने ध्रुव क्रिकेट अकादमी को 21 रन से हरायाविवाहिता की मौत के मामले में पति ने दी तहरीर, जांच के बाद दर्ज होगा मुकदमाएसआरएचयू पहुंचे हैप्पी होम मोंटेसरी स्कूल के छात्र, डिजिटल लत और करियर विकल्पों पर हुआ मंथनपत्नी के मायके जाने से आहत पति ने फांसी लगाकर दी जानजिलाधिकारी ने धान की क्रॉप कटिंग का किया निरीक्षणअनधिकृत प्रैक्टिस की जांच के लिए समिति गठित, डॉ. राजे नेगी बने मुख्य सलाहकारचलती कार में लगी आग, चालक समेत दो लोगों ने कूदकर बचाई जानरवि शंकर ने जीती महाना मेमोरियल शतरंज टूर्नामेंट की ट्रॉफी, कुलदीप शंकर को दूसरा स्थानचक्रवात ‘अर्णब’ को लेकर यूपी में अलर्ट, राहत-बचाव की तैयारियों में जुटी योगी सरकार

शुक्र है राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा, अन्यथा सांप्रदायिक होने का भी इल्जाम लगता : सीईओ

यूपी मतदाता सूची में गड़बड़ी पर सीईओ नवदीप रिणवा का तंज, बोले- ‘कंप्यूटर जातिवादी नहीं होते’

शुक्र है राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा, अन्यथा सांप्रदायिक होने का भी इल्जाम लगता : सीईओ

पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ।
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने गलत मतदाता पर्ची को लेकर जातिगत पक्षपात के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सोमवार को कहा कि कंप्यूटर/सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं होते। रिणवा ने हाल में हुए विधान परिषद चुनाव में मतदाता सूची में 'राम ने शर्मा को मारा' जैसे अजीबोगरीब नाम की प्रविष्टि पर अपनी सफाई देते हुए व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि भगवान का यह शुक्र है कि राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा, अन्यथा जातिवादी होने के साथ-साथ सांप्रदायिक होने का इल्ज़ाम भी लगता। 

सीईओ ने आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह द्वारा निर्वाचन आयोग से उठाए गये सवालों का जवाब देते हुए यह टिप्पणी अपने आधिकारिक 'एक्स' पर एक पोस्­ट में की। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया मंच के अपने आधिकारिक 'एक्­स' पर एक पोस्­ट में कहा कि 'हालिया विधान परिषद के चुनाव की मतदाता सूची में एक अजीबोगरीब नाम 'राम ने शर्मा को मारा' भी है।' सीईओ ने कहा, 'कंप्यूटर/सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है। हमारे द्वारा गलती किया जाना स्वीकार है लेकिन हमारे सौभाग्य से गलती होते समय भी जाति का भेदभाव नहीं हुआ है। भगवान का यह भी शुक्र है की राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा है। नहीं तो जातिवादी होने के साथ-साथ सांप्रदायिक होने का इल्ज़ाम भी लगता।' सीईओ ने अपनी पोस्­ट में एक मतदाता पर्ची भी साझा की है जिसमें इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य के चुनाव में रवि शर्मा नामक मतदाता के पिता के नाम के आगे 'राम ने शर्मा को मारा' दर्ज है। 

उत्तर प्रदेश के सीईओ ने 'एक्­स' पर एक अन्य पोस्ट में कहा कि 'हाल ही में उप्र विधान परिषद चुनावों के दौरान, मतदाता सूची में कुछ अजीबोगरीब नाम सामने आए। इन गलतियों के कारणों की जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।' उन्होंने पोस्­ट में कहा कि यह भी जानकारी मिली है कि कुछ फर्जी वोटर स्लिप वायरल हो रही हैं, जिन्हें कई जाने-माने मीडिया संस्थानों और प्रमुख हस्तियों द्वारा दिखाया या उनका जिक्र किया जा रहा है। इस फर्जीवाड़े के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सीईओ ने अनुरोध किया कि सोशल मीडिया पर मतदाता सूची के बारे में किसी के द्वारा साझा की गई किसी भी जानकारी को सच मानकर आगे बताने, दिखाने या प्रकाशित करने से पहले, संबंधित अधिकारियों से उसकी पुष्टि कर लें। हमारे अधिकारी किसी भी तथ्यात्मक सवाल का तुरंत जवाब देंगे।

 इसके पहले रविवार शाम राज्­यसभा सदस्­य संजय सिंह ने मुख्­य निर्वाचन आयुक्­त ज्ञानेश कुमार को सीधे संबोधित करते हुए 'एक्स' पर एक पोस्ट में सवाल उठाया था 'ज्ञानेश कुमार जी आख़रि राम ने 'यादव' को ही क्यों मारा? राम ने किसी सिंह, पाठक, अस्थाना, शर्मा, राय, बिष्ट को क्यों नही मारा? आपका कंप्यूटर घोर जातिवादी है क्या? क्या आप किसी पार्टी का एजेंडा चला रहे हैं? यह राजेश यादव का जायज सवाल है।' सिंह ने इस पोस्ट में मतदाता सूची की विसंगतियों को लेकर आजमगढ़ के राजेश यादव का करीब तीन मिनट का एक वीडियो भी साझा किया। उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में नामों के स्थान पर 'राम ने यादव को मारा', 'राम ने शर्मा को मारा' जैसी प्रविष्टियां और मतदाता के पिता के नाम के स्थान पर 'बी.कॉम' जैसी प्रविष्टियां सामने आई हैं, जिसके बाद निर्वाचन आयोग को इन विसंगतियों पर स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा। इसके पहले रिणवा ने बताया था कि इस सॉफ्टवेयर को अंग्रेजी में दर्ज नामों को हिंदी में लिप्यंतरित करने के लिए तैयार किया गया था। उन्होंने बताया था कि हालांकि, कुछ मामलों में इसने नामों का लिप्यंतरण करने के बजाय शब्दों का अनुवाद कर दिया, जिससे गलत प्रविष्टियां हो गईं। 

उन्होंने कहा था कि उदाहरण के लिए, अगर गलती से 'रामहित यादव' की जगह 'राम हिट यादव' टाइप हो गया हो, तो सॉफ्टवेयर ने उसका हिंदी अनुवाद 'राम ने यादव को मारा' कर दिया। उन्होंने कहा कि इन गलतियों को संपादन सुविधा के जरिए सुधारा जा सकता था, लेकिन कुछ गलतियां अंतिम सूची में भी रह गईं। उन्होंने कहा कि पिता के नाम की जगह 'बी.कॉम' दर्ज होना मानवीय भूल या लापरवाही का मामला लगता है। उधर, उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीट के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हो चुका है और अब मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें