स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
जमीन की किराएदारी के विवाद में चली गोलीएयरपोर्ट पर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए जल्द शुरू हो सकती है भारत टैक्सी सेवामुख्यमंत्री ने एलबीएस कॉलेज के नौ शिक्षकों को दिया प्रशस्ति पत्रजलालपुर कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस में 11 मामले आए, चार का मौके पर निस्तारणडीएम की अध्यक्षता में मतदेय स्थलों के संभाजन के संबंध में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजितछात्राओं को महिला सुरक्षा व साइबर अपराध से बचाव के प्रति किया जागरूकपिकप ने स्कूटी सवार मां बेटी को मारी ठोकर, बेटी की मौत, मां की हालत गंभीरजलालपुर में जीएसटी विभाग की टीम ने दुकानों पर की जांच, दस्तावेजों का किया निरीक्षणफाइव स्टार होटलों से जेल की बैरक तक पहुंची श्रद्धा दुबे की जिंदगीदीपावली मेले में बिखरे उत्तर प्रदेश की कला व संस्कृति के रंगजमीन की किराएदारी के विवाद में चली गोलीएयरपोर्ट पर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए जल्द शुरू हो सकती है भारत टैक्सी सेवामुख्यमंत्री ने एलबीएस कॉलेज के नौ शिक्षकों को दिया प्रशस्ति पत्रजलालपुर कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस में 11 मामले आए, चार का मौके पर निस्तारणडीएम की अध्यक्षता में मतदेय स्थलों के संभाजन के संबंध में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजितछात्राओं को महिला सुरक्षा व साइबर अपराध से बचाव के प्रति किया जागरूकपिकप ने स्कूटी सवार मां बेटी को मारी ठोकर, बेटी की मौत, मां की हालत गंभीरजलालपुर में जीएसटी विभाग की टीम ने दुकानों पर की जांच, दस्तावेजों का किया निरीक्षणफाइव स्टार होटलों से जेल की बैरक तक पहुंची श्रद्धा दुबे की जिंदगीदीपावली मेले में बिखरे उत्तर प्रदेश की कला व संस्कृति के रंग

श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से होता है पापों का शमनः पं. माधव उपाध्याय

श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से होता है पापों का शमनः पं. माधव उपाध्याय

  • बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर में भागवत कथा का शुभारंभ, धुंधकारी-गोकर्ण प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु

पायनियर संवाददाता। बरेली

शहर के प्राचीन एवं प्रसिद्ध बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर में सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। वृंदावन से पधारे भागवताचार्य पंडित माधव उपाध्याय का मंदिर कमेटी के प्रताप चंद्र सेठ एवं मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल ने माल्यार्पण कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। कथा के प्रथम दिन कथा व्यास ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।कथा का शुभारंभ मंगलाचरण के साथ करते हुए पं. माधव उपाध्याय ने कहा कि भगवान सच्चिदानंद स्वरूप हैं। परमात्मा के सत्, चित् और आनंदमय स्वरूप का स्मरण करने से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि दैहिक, दैविक और भौतिक कष्टों से मुक्ति पाने के लिए भगवान श्रीराधा-कृष्ण का स्मरण करना चाहिए। श्रीमद्भागवत को वेद रूपी वृक्ष का पका हुआ, रस से परिपूर्ण फल बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें भक्ति, ज्ञान और कल्याण का सार समाहित है।कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को दुर्गुणों से दूर कर सद्गुणों की ओर प्रेरित करता है। जिस प्रकार सिंह की गर्जना से वन के पशु-पक्षी भयभीत हो जाते हैं और गंगा स्नान को पवित्रता का प्रतीक माना गया है, उसी प्रकार भागवत कथा का श्रवण व्यक्ति के अंतर्मन को शुद्ध कर उसे प्रभु भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता है। इसके लिए मनुष्य का भाव परमात्मा के प्रति निष्कपट और समर्पित होना आवश्यक है।पं. माधव उपाध्याय ने नैमिषारण्य में सूत जी द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन किए जाने का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भागवत कथा के श्रवण से गंगा स्नान, तुलसी सेवा और तीर्थवास के समान पुण्य फल प्राप्त होने की मान्यता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत की महिमा इतनी व्यापक है कि इसके श्रवण से पापमय जीवन व्यतीत करने वाले व्यक्ति के उद्धार का मार्ग भी प्रशस्त हो सकता है।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें