स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
पीएम मोदी ने अरविंद मिल के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का किया लोकार्पणहरिद्वार में ग्राहकों को बुलाने को लेकर भिड़ीं महिलाएं, आठ हिरासत मेंसेवा और संवेदना की मिसाल बना निःशुल्क चिकित्सा शिविर, जांच से लेकर दवाइयों तक मरीजों को मिली राहतसड़क किनारे मिला महिला का शव, हत्या की आशंका से सनसनीशरद पूर्णिमा पर ध्यानमय हुआ गंगा तट, महायोग ध्यान कुंभ में योग और संगीत का संगमआस्था, अदब और भाईचारे का संदेश देगा देवा मेला, डीएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारीप्रशासन की निगरानी में सकुशल संपन्न हुई PET परीक्षापीईटी 2026: परीक्षा केंद्रों पर डीएम-एसपी ने परखी सुरक्षा व्यवस्थाUP Education News: योगी सरकार ने कसी तैयारी, 28 अक्टूबर को ऑनलाइन बैठक में तय होगी पढ़ाई की रणनीतिTiger Shroff Firing Case: ‘मेरी किसी से दुश्मनी नहीं’, फायरिंग के बाद गहरे सदमे में टाइगर श्रॉफपीएम मोदी ने अरविंद मिल के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का किया लोकार्पणहरिद्वार में ग्राहकों को बुलाने को लेकर भिड़ीं महिलाएं, आठ हिरासत मेंसेवा और संवेदना की मिसाल बना निःशुल्क चिकित्सा शिविर, जांच से लेकर दवाइयों तक मरीजों को मिली राहतसड़क किनारे मिला महिला का शव, हत्या की आशंका से सनसनीशरद पूर्णिमा पर ध्यानमय हुआ गंगा तट, महायोग ध्यान कुंभ में योग और संगीत का संगमआस्था, अदब और भाईचारे का संदेश देगा देवा मेला, डीएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारीप्रशासन की निगरानी में सकुशल संपन्न हुई PET परीक्षापीईटी 2026: परीक्षा केंद्रों पर डीएम-एसपी ने परखी सुरक्षा व्यवस्थाUP Education News: योगी सरकार ने कसी तैयारी, 28 अक्टूबर को ऑनलाइन बैठक में तय होगी पढ़ाई की रणनीतिTiger Shroff Firing Case: ‘मेरी किसी से दुश्मनी नहीं’, फायरिंग के बाद गहरे सदमे में टाइगर श्रॉफ

शरद पूर्णिमा पर ध्यानमय हुआ गंगा तट, महायोग ध्यान कुंभ में योग और संगीत का संगम

शरद पूर्णिमा पर ध्यानमय हुआ गंगा तट, महायोग ध्यान कुंभ में योग और संगीत का संगम

ऋषिकेश में महायोग ध्यान कुंभ 9.0 के तीसरे दिन आनापानसती ध्यान, योगाभ्यास और संगीतमय साधना का आयोजन

रजनी गोयल। ऋषिकेश

 उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित मुनि की रेती के योग महोत्सव घाट पर आयोजित पांच दिवसीय *महायोग ध्यान कुंभ 9.0 (महायोग ध्यान कुंभ 9.0)* के तीसरे दिन शरद पूर्णिमा के अवसर पर योग, ध्यान, आध्यात्मिक संवाद और संगीत साधना का अनूठा संगम देखने को मिला। पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज मूवमेंट (PSSM) एवं पीएमसी हिंदी (PMC Hindi) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में देश-विदेश से आए साधकों ने सामूहिक ध्यान के माध्यम से आंतरिक शांति और विश्व शांति का संदेश दिया।

प्रातःकालीन सत्र का शुभारंभ योग प्रशिक्षक सामंत के निर्देशन में सूक्ष्म व्यायाम, ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन, कटी चक्रासन, शोल्डर रोटेशन और अन्य योगाभ्यासों से हुआ। इसके बाद अनुलोम-विलोम, नाड़ी शोधन, कपालभाति, ओंकार और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। सामंत ने बताया कि शरीर के प्रति सजगता सूक्ष्म चेतना की ओर बढ़ने का प्रारंभिक मार्ग है। योग और ध्यान के माध्यम से मन को एकाग्र कर चेतना के उच्च स्तरों की अनुभूति की जा सकती है।

  • गंगा तट पर आनापानसती ध्यान, श्वास के प्रति सजगता का संदेश

योगाभ्यास के बाद वरिष्ठ पिरामिड मास्टर कविता चड्ढा ने साधकों को आनापानसती ध्यान का अभ्यास कराया। पितामह सुभाष पत्रीजी द्वारा प्रचारित इस ध्यान पद्धति में आती-जाती प्राकृतिक श्वासों के प्रति सजग रहने पर जोर दिया जाता है। कविता चड्ढा ने कहा कि शरीर के लिए योग, मन के लिए शांति, बुद्धि के लिए ज्ञान और आत्मा के लिए ध्यान आवश्यक है।

गंगा तट पर आयोजित सामूहिक ध्यान सत्र में साधकों ने मौन और संगीत के बीच अपनी श्वास पर ध्यान केंद्रित किया। कार्यक्रम में ब्रह्मर्षि पितामह सुभाष पत्रीजी के ध्यान संबंधी संदेशों को भी साझा किया गया। इसमें बताया गया कि नियमित ध्यान से शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और बुद्धि के शुद्धिकरण की दिशा में प्रगति संभव है। आत्मचिंतन और कर्म सिद्धांत की समझ को आध्यात्मिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।

  • भारतीय वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों के बीच संगीतमय ध्यान

महायोग ध्यान कुंभ 9.0 के तीसरे दिन संगीत ध्यान सत्र में भारतीय वाद्ययंत्रों की मधुर स्वर लहरियों ने साधकों को ध्यानमय वातावरण प्रदान किया। गणेश कुमार ने वायलिन, राघवेंद्र ने बांसुरी, राम कृष्ण ने सितार, कार्तिक प्रणव ने मृदंगम और संतोष ने तबले पर प्रस्तुति दी। विभिन्न वाद्ययंत्रों की सुरमयी धुनों के बीच साधकों ने ध्यान साधना की।

संगीत और ध्यान के इस संगम ने महोत्सव की आध्यात्मिक अनुभूति को विशेष आयाम दिया। शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित संगीतमय साधना का उद्देश्य साधकों को बाहरी कोलाहल से हटकर आंतरिक शांति, एकाग्रता और आत्म-जागरूकता का अनुभव करने के लिए प्रेरित करना रहा।

  • तेलंगाना के कड़ताल में वैश्विक ध्यान केंद्र के निर्माण की पहल

दिन के विशेष सत्र में हैदराबाद के निकट कड़ताल, तेलंगाना स्थित महेश्वरा महापिरामिड और पत्रीजी शक्ति स्थल की गतिविधियों तथा भावी योजनाओं की जानकारी दी गई। ट्रस्ट के प्रतिनिधि टी. विजय भास्कर रेड्डी ने पितामह पत्रीजी के चार प्रमुख संदेशों को रेखांकित किया। इनमें प्रतिदिन एक घंटा ध्यान करना, प्रतिदिन दस नए लोगों तक ध्यान का संदेश पहुंचाना, शाकाहार को बढ़ावा देना और घर-घर में पिरामिड स्थापित करना शामिल है।

उन्होंने बताया कि कड़ताल में लगभग 70 एकड़ क्षेत्र में विश्व ध्यान केंद्र और ‘स्टैच्यू ऑफ मेडिटेशन’ के निर्माण पर कार्य चल रहा है। आयोजकों के अनुसार, इस परियोजना का लक्ष्य वर्ष 2030 तक इसे वैश्विक ध्यान केंद्र के रूप में विकसित करना है। इस अवसर पर माधवी द्रिका, हरप्रीत सिंह, इशिता पुजारी, वेणु प्रसाद, महेश अग्रवाल, महेश्वरी मैडम और पी. वी. रामराजू सहित अन्य वक्ताओं ने पत्रीजी शक्ति स्थल की आध्यात्मिक महत्ता और सामूहिक ध्यान के महत्व पर विचार रखे। वक्ताओं ने साधकों से ध्यान को नियमित जीवन का हिस्सा बनाने तथा आत्म-अनुसंधान और आंतरिक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान तेलंगाना के कड़ताल में 21 से 31 दिसंबर 2026 तक आयोजित होने वाले 11 दिवसीय ‘पत्रीजी ध्यान महायज्ञ’ में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया गया। वक्ताओं ने इस आयोजन को सामूहिक ध्यान के विस्तार और विश्वभर के साधकों को एक मंच पर जोड़ने का अवसर बताया। इस अवसर पर ‘चलो रे पत्रीजी शक्ति स्थल’ गीत पर सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई।

  • बच्चों और युवाओं के लिए विशेष कार्यशालाएं

महोत्सव के दौरान बच्चों के लिए ‘जाग्रत किड्स’ और युवाओं के लिए ‘स्वानुभव यूथ’ कार्यशालाओं के माध्यम से ध्यान, आत्म-जागरूकता और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों पर गतिविधियां आयोजित की गईं। आयोजकों ने विश्व शांति के उद्देश्य से 108 घंटे के अखंड सामूहिक ध्यान कार्यक्रम को भी महोत्सव की प्रमुख गतिविधियों में शामिल किया।

पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज मूवमेंट और पीएमसी हिंदी के संयुक्त आयोजन का उद्देश्य योग, ध्यान और आत्मचिंतन को जन-जन तक पहुंचाना तथा आंतरिक परिवर्तन के माध्यम से विश्व शांति का संदेश प्रसारित करना है। महायोग ध्यान कुंभ 9.0 के तीसरे दिन आयोजित विभिन्न आध्यात्मिक सत्रों, योगाभ्यास, संगीत साधना और सामूहिक ध्यान ने इसी संकल्प को आगे बढ़ाया।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें