सेवा सेतु कार्यक्रम को लेकर चेयरमैन और विधायक आमने-सामने

- चेयरमैन गायत्री वर्मा ने सूचना नहीं देने और सम्मान न मिलने पर उठाए सवाल
पायनियर संवाददाता। रामपुरा (जालौन)
नगर पंचायत रामपुरा के कार्यालय परिसर में आयोजित सेवा सेतु अभियान का कार्यक्रम अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। कार्यक्रम में माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन सहित पूर्व जनप्रतिनिधियों व भाजपा पदाधिकारियों की मौजूदगी रही, लेकिन नगर पंचायत अध्यक्ष गायत्री वर्मा की गैरमौजूदगी और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों ने मामले को तूल दे दिया है। चेयरमैन ने कार्यक्रम की सूचना नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए विधायक के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। वहीं, विधायक ने उनके आरोपों को असत्य और निराधार बताते हुए अपना पक्ष रखा है।
नगर पंचायत अध्यक्ष गायत्री वर्मा का आरोप है कि नगर पंचायत कार्यालय परिसर में शासन की ओर से महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, लेकिन उन्हें इसकी सूचना तक नहीं दी गई। उनका कहना है कि जब कार्यक्रम नगर पंचायत परिसर में हो रहा था, तो नगर पंचायत अध्यक्ष होने के नाते उन्हें जानकारी देना और विश्वास में लेना आवश्यक था। इसके बावजूद उन्हें कार्यक्रम से संबंधित कोई सूचना नहीं दी गई। चेयरमैन ने आरोप लगाया कि पिछले करीब तीन वर्षों से उनके साथ इसी तरह का व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने अपनी सामाजिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि वह अनुसूचित जाति से आती हैं और उन्हें आशंका है कि इसी वजह से विधायक उनके साथ मंच साझा करने से कतराते हैं, जबकि वह भाजपा सिंबल से निर्वाचित निर्वाचित एक बार की सभासद तथा वर्तमान में अध्यक्ष एवं संगठन में महिला मोर्चा की तीन बार की अध्यक्ष के पद पर भारतीय जनता पार्टी के लिए काम किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव के समय समर्थन लेने में कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन सार्वजनिक कार्यक्रमों में सम्मान और उचित स्थान देने के मामले में अलग रवैया क्यों अपनाया जाता है। गायत्री वर्मा ने कहा कि जनता ने उन्हें नगर पंचायत की जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी भूमिका और गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को जनप्रतिनिधियों के सम्मान और समान व्यवहार से जुड़ा मामला बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
विधायक मूलचंद्र निरंजन ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन ने रामपुरा चेयरमैन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवा सेतु अभियान का कार्यक्रम शासन की ओर से आयोजित कराया गया था और नगर पंचायत रामपुरा के अधिशासी अधिकारी ने उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया था। विधायक ने कहा कि चेयरमैन गायत्री वर्मा द्वारा उन पर लगाए जा रहे आरोप असत्य और निराधार हैं। उनके अनुसार, कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति निर्धारित आमंत्रण के आधार पर थी। इस प्रकरण के सामने आने के बाद नगर पंचायत क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी समन्वय, संवाद और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सम्मान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। जहां चेयरमैन ने सूचना नहीं दिए जाने और कथित भेदभाव को लेकर सवाल उठाए हैं, वहीं विधायक ने आरोपों को गलत बताया है। फिलहाल, दोनों पक्षों के अलग-अलग बयान सामने आने के बाद यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।



