फैजुल्लागंज में बाढ़ जैसे हालात, घरों में घुसा पानी चार फीट तक जलभराव

परिवार और पालतू जानवर फंसे,जल निकासी के लिए सेक्शन पंप की मांग
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। फैजुल्लागंज के मिल्लत नगर ढाल क्षेत्र में चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। केवी लॉन्स के पास गली में करीब चार फीट तक पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है। परिवारों के साथ पालतू जानवर भी जलभराव में फंसे हुए हैं। लोग घुटने और कई जगह कमर तक भरे गंदे पानी के बीच आवागमन करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक क्षेत्र का रास्ता कच्चा है और जल निकासी के लिए नाली अथवा नाला नहीं है। इस वजह से बारिश का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है।

पानी लगातार बढ़ने से घरों में रखा राशन, घरेलू सामान और अन्य जरूरी वस्तुएं भी प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से तत्काल हैवी डीजल सेक्शन पंप उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबी फ्लेक्सिबल होज पाइप के जरिए पानी खींचकर मुख्य नाले तक पहुंचाया जाए, जिससे जलभराव से राहत मिल सके।स्थानीय निवासी सूरज कश्यप ने बताया कि क्षेत्र में सैकड़ों मकान ऐसे हैं, जिनके अंदर तक पानी पहुंच गया है। आटा, चावल और दाल समेत घर का राशन भीग गया है।
गैस चूल्हा पानी में डूब गया है और शौचालय तक पानी से भर गया है। उन्होंने बताया कि घर के बाहर कमर तक गंदा पानी है। नाले का पानी घरों में घुस रहा है। बिजली न होने से रात में अंधेरा रहता है। सूरज कश्यप ने कहा कि हर साल बारिश में क्षेत्र डूबता है और लोग परेशान होते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
हर साल की समस्या, स्थायी समाधान की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता ममता त्रिपाठी ने कहा कि फैजुल्लागंज में हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है। स्थायी समाधान के लिए स्थानीय लोग लगातार मांग करते रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी निदान नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग अपने स्तर से जितनी मदद संभव है, कर रहे हैं। सरकारी स्तर पर ठोस प्रयास किए जाने की जरूरत है। केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा।
160 फीटा बंधा रोड बनने के बाद सुधार का दावा
विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि फैजुल्लागंज के जिन क्षेत्रों में इस समय पानी भरा है, वे गोमती नदी के किनारे स्थित हैं। 160 फीटा बंधा रोड का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें कुछ किसानों की वजह से अड़चन है। अड़चन दूर होने के बाद क्षेत्र की जलभराव की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले पूरा फैजुल्लागंज बारिश में डूब जाता था, अब कुछ क्षेत्र ही प्रभावित हैं। बचे हुए क्षेत्र की समस्या को भी दुरुस्त कराया जाएगा, हालांकि इसमें कुछ समय लगेगा।



