ओंकार और वैदिक मंत्रों से गूंजा जीजीआईसी लोहाघाट, संस्कृत के प्रति दिखा विद्यार्थियों में उत्साह

- जिलेभर से पहुंचे 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने श्लोक, मंत्रोच्चार, संस्कृत गीत और नाट्य प्रस्तुतियों से बांधा समां
पायनियर समाचार सेवा। लोहाघाट। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज लोहाघाट में आयोजित जिला स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता में संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति की मनमोहक झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में जिलेभर के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। उपनिषदों की ऋचाओं, वैदिक मंत्रों, श्लोकों और ओंकार की गूंज से पूरा सभागार संस्कृतमय हो उठा। कार्यक्रम का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के सचिव डॉ. विनय विद्यालंकार ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने संस्कृत को भारतीय संस्कृति और परंपराओं की महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए विद्यार्थियों को इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से देववाणी संस्कृत को प्रदेश में उचित स्थान मिल रहा है और विद्यालयों में ओंकार तथा संस्कृत के प्रति विद्यार्थियों में रुचि बढ़ रही है।
प्रतियोगिता में श्लोक वाचन, मंत्रोच्चार, संस्कृत नाटक, समूहगान, संस्कृत गीत-नृत्य और अन्य विधाओं में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रस्तुतियों को देखकर मौजूद दर्शकों ने तालियों से प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। जिला स्तरीय आयोजन को सफल बनाने में जिला समन्वयक वेद प्रकाश पंत, हरिश कालौनी, सतीश जोशी , नवीन जोशी पीसी उपाध्यायसहित अन्य शिक्षकों एवं आयोजकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में मोहन सिंह ढेक और सचिन जोशी मौजूद रहे।
खास बात: राजकीय इंटर कॉलेज पुलहिंडोला के अंग्रेजी शिक्षक पारितोष पिछले पांच वर्षों से विद्यार्थियों को संस्कृत के प्रति लगातार प्रेरित कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने संस्कृत की विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करते हुए कई बार शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस पहल की कार्यक्रम में विशेष सराहना की गई।



