नई दिल्ली। इंद्रप्रस्थ संजीवनी के अध्यक्ष, प्रसिद्ध समाजसेवी गंगापुत्र की उपाधि से सम्मानित डॉ संजीव अरोड़ा गंगापुत्र ने जो संकल्प लिया था आज वह पूरा होता दिख रहा है। दिल्ली के लगभग 700 से 800 मंदिरों में मां गंगा के स्वरूप को स्थापित किया गया है। डॉ अरोड़ा ने यह संकल्प गत तीन माह पहले लिया था कि दिल्ली के हर मंदिर में मां गंगा के स्वरूप की स्थापना करेंगे। उनका कहना है कि जब श्रद्धालु मंदिर जाते थे, तो हर भगवान के दर्शन होते थे परंतु मोक्षदायिनी पतित पावनी मां गंगा के दर्शन नहीं होते थे। ऐसे में उन्होंने विचार किया कि मां गंगा न केवल प्राणियों को मोक्ष देती हैं अपितु उनका जीवनयापन भी करती है। उनकी प्यास बुझाती हैं। यदि जल ना हो तो प्राणियों का कल भी ना हो। जल के बिना जीवन अधूरा है, कुछ भी नहीं।
गत तीन माह से डॉ. अरोड़ा इंद्रप्रस्थ संजीवनी के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर मंदिर-मंदिर जाकर मां के स्वरूप को तो स्थापित कर ही रहे हैं बल्कि वहां उपस्थित श्रद्धालुओं को जल को सुरक्षित रखने की शपथ भी दिलवा रहे हैं। यहां तक कि डॉ अरोड़ा नमामि गंगे के बारे में भी विस्तार से मंदिर में श्रद्धालुओं को बता रहे हैं और समझा रहे हैं कि यदि देश की नदियां दूषित हो जाएं तो पानी की कमी हो सकती हैं। उनके इस अभियान को न केवल दिल्ली की जनता सराह रही है अपितु केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान सहित दिल्ली के सभी सांसद और कई विधायक भी इस कार्य की प्रशंसा कर रहे हैं।










