नगर का 200 वर्ष पुराने ताईबाई महल का एक हिस्सा भरभरा कर ढहा

पायनियर संवाददाता । जालौन (उरई)
नगर में ताई बाई का प्राचीन महल का एक हिस्सा रविवार की दोपहर भरभरा का ढह गया। इससे पूर्व एक दूसरा हिस्सा भी ढह गया था। नगर में तहसील परिसर में नगर की शासिका ताईबाई का लगभग 200 वर्ष पुराना महल है। इसी महल में उनका निवास था और जालौन रियासत का सारा कार्य वह इसी महल से संभालती थीं। इस महल में ताईबाई के समय का प्राचीन शिव मंदिर भी स्थापित है। जिसमें वह पूजा अर्चन करती थीं। आजादी के बाद इसी महल में तहसील के कार्यों का संचालन होता था। एसडीएम और तहसीदार कार्यालय इसी महल में संचालित होते थे। बाद में जब तहसील की नई इमार बन गई तो इस महल का उपयोग बंद हो गया। समय के साथ यह इमारत जर्जर होती चली गई। दो वर्ष पूर्व इस महल का पिछला हिस्सा बरिश में ढह गया था। इस बार लगातार दो दिन हुई बारिश के बाद तहसील के दूसरे गेट से अंदर जाने वाले हिस्से की ओर का हिस्सा रविवार की दोपहर अचानक से ह गया। मलबा तहसील के अंदर सड़क तक आ गया। गनीमत रही कि रविवार होने के चलते तहसील में लोगों का आना जाना नहीं था। अन्यथा कोई हादसा हो सकता था। हालांकि पूर्व में डीएम डॉ. मन्नान अख्तर ने इस महल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद इसमें किसी ने रूचि नहीं ली और एक ऐतिहासिक इमारत अपना अस्तित्व खाने की कगार पर पहुंच चुकी है। नगर के अनुराग अग्रवाल, बंटी, विनय आदि ने मांग की है कि ताई बाई महल नगर की ऐतिहासिक धरोहर है, इसके संरक्षण के उपाय किए जाने चाहिए।



