- योगी सरकार के इको-टूरिज्म प्रयासों को मिली रफ्तार, कतर्नियाघाट से 24 लाख रुपये से अधिक का राजस्व
- जनवरी में उमड़े सर्वाधिक पर्यटक, नवंबर रहा राजस्व के लिहाज से सबसे सफल महीना
- वन्यजीव पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा, कतर्नियाघाट ने दर्ज की उल्लेखनीय उपलब्धि
लखनऊ। योगी सरकार द्वारा वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों पर इसका सकारात्मक असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, बेहतर प्रबंधन और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के चलते कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। पर्यटन सत्र 2025-26 के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि प्रदेश में प्रकृति आधारित पर्यटन को नई पहचान मिल रही है और पर्यटकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। पर्यटन सत्र 2025-26 में 12 हजार से अधिक पर्यटकों ने कतर्नियाघाट का भ्रमण किया।
24 लाख से अधिक का प्राप्त हुआ राजस्व
कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार की बात करें तो पर्यटन सत्र 2025-26 (नवंबर से जून) के दौरान 12,298 भारतीय तथा 33 विदेशी पर्यटकों ने भ्रमण किया। इस अवधि में विभाग को 24 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पर्यटन गतिविधियों में बढ़ती रुचि का संकेत है।
जनवरी में आए सर्वाधिक पर्यटक
पर्यटकों की दृष्टि से जनवरी सबसे व्यस्त महीना रहा। इस महीने में सर्वाधिक 2,980 भारतीय पर्यटक कतर्नियाघाट पहुंचे। राजस्व के लिहाज से नवंबर 2025 सबसे सफल महीना साबित हुआ। इस दौरान 4,78,484 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पूरे सत्र में सर्वाधिक रहा। दूसरी ओर फरवरी 2026 में 701 पर्यटकों का आगमन हुआ और 1,33,494 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। पर्यटन सत्र के आखिरी महीने जून में 1,694 पर्यटक यहां घूमने आए।










