मेला गुघाल के कवि-सम्मेलन में बिखरे काव्य के रंग

नगर निगम ने मेरा आयोजन में किया कवियों का सम्मान,भावपूर्ण रचनायें व काव्यपाठ
सहारनपुर। ऐतिहासिक मेला गुघाल की सांस्कृतिक संध्या में काव्य, गीत, श्रृंगार और हास्य-व्यंग्य के रंग बिखरे। नगर निगम द्वारा राजकीय विद्यालय सभागार में आयोजित कवि-सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया।
कार्यक्रम गीत ऋषि राजेंद्र 'राजन', इंदिरा गौड़, कृष्ण 'शलभ', सुरेश 'सपन' एवं विभा मिश्रा आदि काव्य-साधकों को समर्पित रहा। संचालन कार्यक्रम सह संयोजक प्रशांत 'राजन' एवं राकेश शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।
शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। विहिप धर्माचार्य प्रमुख पंडित शैलेंद्र तिवारी, मेला संयोजक संजय सैनी, मेला आयोजन समिति अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौहान, योगेश दहिया, शरद भार्गव, सुषमा बजाज, अल्पना तलवार, मुकेश गक्खड़, मनोज प्रजापति, आरती दिवाकर, करूणा प्रकाश, अलका शर्मा ने सामूहिक दीप प्रज्ज्वलित किया। मेयर डॉ. अजय सिंह ने कहा कि अपनी धरोहर और संस्कृति का पुनर्स्थापन हमारा दायित्व है।
कवि-सम्मेलन में डॉ. विजेंद्रपाल शर्मा ने पिता पर गीत, विनोद भृंग ने माहिया छंद, नरेंद्र 'मस्ताना' ने श्रृंगार मुक्तक, इतिहासकार डॉ. राजीव उपाध्याय 'यायावर' ने सहारनपुर के इतिहास पर कविता सुनाई। नरेंद्रजीत 'अनाम' ने प्रेम की पीड़ा, वीरेश त्यागी ने सूफियाना अंदाज, हुडदंग नगीनवी ने नेताओं पर व्यंग्य, साधना शर्मा, सुमेधा नीरज, लता भारती ने भावपूर्ण रचनाएं प्रस्तुत कीं। सुधीर परवाज और अनीता देवी ने भी काव्य-पाठ किया।
समापन पर मेयर डॉ. अजय सिंह ने कवियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. हरिओम गुप्ता, शैलेंद्र मोहन टंडन, सीमा गुप्ता, विपिन शर्मा, योगेश पंवार, रविंद्र तेजान, सतनाम सिंह, गरिमा शर्मा, अजय सिंघल, योगेश शर्मा, नवनीत मित्तल, पीके सरोहा, रक्षिता पंडित, निशा शर्मा, निर्मल लूथरा, रंजीत कौर, अर्जुन देव शर्मा, राहुल खन्ना, संजय गुप्ता, धुरेंद्र देव शर्मा, सोपिन पाल आदि मौजूद रहे।



