लगातार बारिश से माधौगढ़, रामपुरा क्षेत्र में दिखा तबाही का मंजर

- कई गांवों में कच्चे मकान ढहे, गृहस्थी मलबे में दबी
पायनियर संवाददाता। माधौगढ़ (जालौन)
पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश ने माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के माधौगढ़ व रामपुरा विकासखंड में गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र के कई गांवों में कच्चे मकान ढहने से लोगों की गृहस्थी मलबे में दबकर नष्ट हो गई। कहीं अनाज और कपड़े बर्बाद हो गए तो कहीं पशु मलबे में दबकर घायल हुए या उनकी मौत हो गई। कई परिवार अब खुले आसमान के नीचे या तिरपाल के सहारे रहने को मजबूर हैं। प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर आर्थिक सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।
26 सितंबर की सुबह करीब चार बजे ग्राम पंचायत गोपालपुरा के मजरा कुरतला में तेज बारिश के कारण राजकुमार पुत्र देव सिंह परिहार का कच्चा मकान ढह गया। मकान गिरने से घर में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन और गृहस्थी का अन्य सामान मलबे में दब गया। परिवार के सामने अब रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की समस्या खड़ी हो गई है। इसी तरह उदोतपुरा जागीर गांव में शनिवार सुबह करीब 11 बजे लगातार बारिश के चलते एक कच्चा मकान गिर गया। हादसे में मलबे के नीचे दबकर एक बकरी और उसके बच्चे की मौत हो गई। मकान मालिक राजपाल उर्फ सोनू पुत्र रामानंदी दोहरे के घर में रखा करीब पांच कुंतल गेहूं, तीन बोरी डीएपी खाद, पशुओं का भूसा और गृहस्थी का अन्य सामान भी मलबे में दबकर नष्ट हो गया। हादसे में राजपाल को मामूली चोटें आईं। माधौगढ़ के रामनगर गांव में राणा प्रताप का कच्चा मकान बारिश के कारण गिर गया। इस दौरान उनकी एक भैंस मलबे में दबकर घायल हो गई, जबकि एक व्यक्ति भी जख्मी हुआ। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर मलबे से भैंस को बाहर निकाला। रामपुरा के पतराही गांव में 36 घंटे से अधिक हुई बारिश के चलते शिवचरण सिंह का मकान पूरी तरह ढह गया। उनका परिवार सामान के साथ तिरपाल के नीचे रहने को मजबूर है। इसके अलावा अरुण सिंह, बड़े शर्मा, दर्शन सिंह, जगजीवन सिंह और रघुनाथ सिंह के मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। रामपुरा ब्लॉक के लिटावली गांव में रामाधार विश्वकर्मा का कच्चा मकान गिरने से उनके बेटे धनपाल विश्वकर्मा मलबे में दबकर घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें बाहर निकालकर उपचार में मदद की। वहीं, नावर गांव में करीब एक दर्जन से अधिक कच्चे मकान गिर गए। कई परिवारों का घरेलू सामान और पशुओं का भूसा मलबे में दब गया। इसके अतिरिक्त विकासखंड रामपुरा के नदिया पार क्षेत्र की ग्राम पंचायत निनावली जागीर, नरौल हनुमंतपुरा, सुल्तानपुरा जागीर, जायघा, मई, महमूदपुर, हिम्मतपुर और महटौली सहित अनेक गांवों में भी बारिश से कच्चे मकानों के गिरने और गरीब परिवारों की गृहस्थी नष्ट होने की घटनाएं सामने आई हैं। कई प्रभावित परिवारों के सामने रहने, भोजन और घरेलू सामान की व्यवस्था करने का संकट खड़ा हो गया है। लगातार बारिश के चलते कमजोर हो चुके मकानों के गिरने का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सभी प्रभावित गांवों में राजस्व विभाग की टीम भेजकर क्षतिग्रस्त मकानों और गृहस्थी के नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्हें नियमानुसार आर्थिक सहायता, राहत सामग्री और सुरक्षित आवास की व्यवस्था जल्द उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीणों ने अनाज, पशुओं के चारे और अन्य जरूरी सामान के नुकसान को भी सर्वे में शामिल करने की अपील की है।



