कंपाउंड तीरंदाजी में भारत की स्वर्णिम हैट्रिक, तीनों टीमों ने जीते स्वर्ण
भारत की पुरुष, महिला और मिश्रित टीम ने अपने-अपने खिताब बरकरार रखते हुए तीन स्वर्ण पदक जीते। मिश्रित टीम की जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के कंपाउंड मिश्रित टीम वर्ग के लिए कोटा स्थान भी हासिल किया।

नागोया। भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने बुधवार को दबाव के बीच शानदार संयम और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए एशियाई खेलों की टीम स्पर्धाओं में स्वर्णिम क्लीन स्वीप किया। भारत की पुरुष, महिला और मिश्रित टीम ने अपने-अपने खिताब बरकरार रखते हुए तीन स्वर्ण पदक जीते। मिश्रित टीम की जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के कंपाउंड मिश्रित टीम वर्ग के लिए कोटा स्थान भी हासिल किया।
कंपाउंड तीरंदाजी को लॉस एंजिलिस ओलंपिक में पहली बार शामिल किया जाएगा। भारत इस स्पर्धा के लिए क्वालीफाई करने वाला पहला देश बन गया है।
भारत के स्वर्णिम अभियान की शुरुआत ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनीपार्थी और पृथिका प्रदीप की महिला टीम ने की। भारतीय तिकड़ी ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद चिकिता और साहिल जाधव की मिश्रित जोड़ी ने दक्षिण कोरिया को शूट ऑफ में 158-157 से हराया। दिन का समापन कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु की पुरुष टीम ने चीन को 238-237 से हराकर किया।
इस तरह चिकिता और साहिल ने दो-दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
शूट ऑफ में चिकिता-साहिल का कमाल
मिश्रित टीम के फाइनल में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। भारतीय जोड़ी का सामना जंगयून पार्क और चोई यून ग्यू से था। निर्धारित चार चरण के बाद मुकाबला बराबरी पर रहा, जिसके बाद शूट ऑफ का सहारा लिया गया।
शूट ऑफ में चिकिता और साहिल दोनों ने 10 अंक के निशाने लगाए। दक्षिण कोरिया की ओर से चोई यून ग्यू नौ अंक ही हासिल कर सके। भारतीय जोड़ी ने 158-157 से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चीन की फांगयाओ वेई और जिनयी लियू ने कांस्य पदक जीता।
भारत ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 156-155 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।
चिकिता ने कहा कि यह उनके पहले एशियाई खेल हैं और मिश्रित तथा महिला टीम स्पर्धा में स्वर्ण जीतना उनके लिए विशेष अनुभव है। उन्होंने बताया कि महिला टीम का फाइनल खत्म होने के बाद मिश्रित टीम के मुकाबले के लिए तैयारी करने का समय काफी कम था। शूट ऑफ से पहले उन्होंने शांत रहने और अपनी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की।
पुरुष टीम ने आखिरी चरण में पलटा मुकाबला
पुरुष फाइनल में भारत की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही। पहले चरण के बाद भारतीय टीम 58-60 से पीछे थी। दूसरे चरण में भारतीय तीरंदाजों ने छह परफेक्ट 10 लगाए, लेकिन चीन की टीम 120-118 से आगे रही।
तीसरे चरण के बाद भारत ने अंतर घटाकर सिर्फ एक अंक कर दिया और स्कोर 178-179 हो गया। अंतिम चरण में चीन के जियाहाओ लियाओ ने आठ अंक का निशाना लगाया। इसके बाद भारतीय टीम ने अंतिम छह शॉट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 238-237 से रोमांचक जीत दर्ज की।
सेमीफाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 236-229 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। चीन को रजत पदक मिला।
महिला टीम ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की
ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनीपार्थी और पृथिका प्रदीप की भारतीय महिला टीम ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराया। भारतीय तिकड़ी ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और पहले चरण में 60-58 की बढ़त हासिल की।
दूसरे चरण में भी भारत ने 60-58 से बाजी मारी। तीसरे चरण के बाद भारतीय टीम 178-176 से आगे थी। अंतिम चरण में चीन की टीम ने दो बार नौ अंक हासिल किए, जबकि भारत ने छह परफेक्ट 10 लगाकर 60 अंक जुटाए और कुल स्कोर 238 तक पहुंचाया।
इस प्रदर्शन के साथ भारतीय महिला टीम ने खिताब बरकरार रखने के साथ दक्षिण कोरिया के 2014 इंचियोन एशियाई खेलों में बनाए गए विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। चीन को रजत और दक्षिण कोरिया को कांस्य पदक मिला।
पृथिका ने कहा कि टीम की तीनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया और खराब शॉट के बाद भी ध्यान अगले निशाने पर रखने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि बड़े टूर्नामेंट का दबाव होने के बावजूद उनका ध्यान अपनी प्रक्रिया और निशानेबाजी पर था।ज्योति ने भी टीम के प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए कहा कि सेमीफाइनल और फाइनल दोनों मुकाबलों में भारतीय टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक हासिल किया।



