जावेद अली के सुरों पर झूम उठा देवा मेला, देर रात तक गूंजे बॉलीवुड के तराने

बाराबंकी। ऐतिहासिक एवं कौमी एकता के प्रतीक देवा मेला की सांस्कृतिक संध्या उस समय यादगार बन गई, जब 'मेगा नाइट' के मंच से मशहूर बॉलीवुड पार्श्व गायक जावेद अली के सुरों का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोला। बुधवार की देर रात तक चले इस सांस्कृतिक महोत्सव में जावेद अली की एक से बढ़कर एक सुरीली प्रस्तुतियों ने पंडाल में मौजूद हजारों संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘मेरी अधूरी प्यास-प्यास’ से शुरुआत, 'कुन फाया कुन' पर सूफियाना रंग मंच पर जावेद अली के कदम रखते ही पूरा प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट और दर्शकों के उत्साहवर्धन से गूंज उठा। उन्होंने अपने गायन का आगाज बेहद भावपूर्ण गीत 'मेरी अधूरी प्यास-प्यास...' से किया। इसके तुरंत बाद जब उन्होंने फिल्म 'जोधा अकबर' का कालजयी गीत 'कहने को जश्न-ए-बहारा है...' छेड़ा, तो दर्शक झूम उठे। संगीतमय सफर को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने फिल्म 'रॉकस्टार' का रूहानी कलाम 'कुन फाया कुन' और फिल्म 'दिल्ली-6' का 'अर्जियां' प्रस्तुत कर पूरे माहौल को सूफियाना रंग में रंग दिया।
- रोमांटिक धुनों और 'श्रीवल्ली' पर जमकर थिरके युवा
जावेद अली ने अपने विविध गायन शैली का परिचय देते हुए 'तू जो मिला' (बजरंगी भाईजान), 'अभी ना जाओ छोड़ कर', 'गुजारिश' (गजनी), 'तू ही हकीकत' (मर्डर-2), 'तेरा दीदार हुआ' और 'तुम तक' (रांझणा) जैसे ब्लॉकबस्टर गानों से महफिल में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम के उत्तरार्ध में जब उन्होंने हालिया सुपरहिट फिल्म 'पुष्पा' का 'श्रीवल्ली' और ऊर्जावान गीत 'नगाड़ा' गाया, तो युवा दर्शक अपनी सीटों से उठकर थिरकने पर मजबूर हो गए।



