जब अपनों की तरह मिले डीएम समीर, खिल उठे वृद्धजनों के चेहरे

- वृद्ध आश्रम पहुंचकर डीएम ने बुजुर्गों से आत्मीय संवाद कर जाना हाल 0 माला पहनाकर व अंगवस्त्र भेंट कर किया सम्मान, लिया आशीर्वाद
पायनियर संवाददाता।उरई (जालौन)
गुरुवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्ध आश्रम का माहौल उस समय भावुक और आत्मीय हो उठा, जब जिलाधिकारी समीर स्वयं वहां पहुंचे और बुजुर्गों के बीच बैठकर उनसे अपनेपन के साथ संवाद किया।
जिलाधिकारी ने वृद्धजनों का हालचाल जाना, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली तथा उनके जीवन के अनुभवों को भी आत्मीयता से सुना। बुजुर्गों ने भी जिलाधिकारी से खुलकर बातचीत की और उन्हें आशीर्वाद दिया। जिलाधिकारी ने वृद्धजनों को माला पहनाकर, मिष्ठान एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवन का अनुभव और मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वृद्धजनों का सम्मान केवल एक दिवस तक सीमित न रहकर हमारी सामाजिक जिम्मेदारी और संस्कार का हिस्सा होना चाहिए। डीएम ने आश्रम में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेते हुए बुजुर्गों से स्वयं पूछा कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा तो नहीं है। उन्होंने आश्रम की व्यवस्थाओं को देखा और वृद्धजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर वृद्ध आश्रम परिसर में स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। विभिन्न स्वास्थ्य जांचों के साथ चिकित्सकों ने वृद्धजनों को आवश्यक परामर्श भी दिया। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण करते हुए बुजुर्गों को नियमित एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। जिलाधिकारी के आत्मीय व्यवहार से वृद्ध आश्रम में रह रहे बुजुर्गों के चेहरों पर खुशी और अपनत्व की झलक साफ दिखाई दी। सम्मान, संवाद और स्वास्थ्य सेवा से जुड़ा यह आयोजन वृद्धजनों के प्रति संवेदना, सम्मान और सामाजिक उत्तरदायित्व का भाव मजबूत करने वाला रहा। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, समाज कल्याण अधिकारी संजय श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।



