ब्लैक स्पॉट सुधार, ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण, स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच एवं अतिक्रमण हटाने के निर्देश

रविकांत दुबे। कानपुर देहात

जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय की उपस्थिति में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट स्थित मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित स्थलों पर रोड साइनेज, रम्बल स्ट्रिप, रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेतक एवं अन्य सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर स्थापित किया जाए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। जिलाधिकारी ने ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण तथा यातायात नियमों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित कराने के निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित विभाग नियमित प्रवर्तन अभियान संचालित करें। उन्होंने स्कूलों में संचालित वाहनों की फिटनेस जांच, वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, चरित्र सत्यापन एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन कराने के भी निर्देश दिए, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में अकबरपुर-माती मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश रोकने के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों को शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में अवैध अतिक्रमण को चिन्हित कर उसके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण यातायात व्यवस्था को प्रभावित करते हैं तथा दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, इसलिए इनके विरुद्ध नियमित अभियान चलाया जाए। साथ ही अवैध रूप से संचालित ऑटो एवं टैक्सी स्टैंडों पर भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि ऑटो एवं टैक्सी वाहनों का संचालन केवल निर्धारित एवं चिन्हित स्थलों से ही कराया जाए, जिससे सड़कों पर अनावश्यक जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निरंतर अभियान के रूप में संचालित की जा रही है। साथ ही प्रमुख एवं संवेदनशील स्थलों पर एम्बुलेंस की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जा रही है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को हाईवे के किनारे स्थित नालों की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए, जिससे जलभराव एवं अन्य समस्याओं से बचा जा सके।

उन्होंने सड़क सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि ओवरस्पीडिंग, ड्रंक एंड ड्राइविंग तथा यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जाए। हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किए जाएं। इसके अतिरिक्त प्रमुख चैराहों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल, साइनेज, रिफ्लेक्टर एवं अन्य यातायात सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।

निर्माणाधीन सड़कों पर आवश्यक सुरक्षा संकेतक एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी नेे कहा कि सड़क सुरक्षा एक सामूहिक दायित्व है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार, परिवहन विभाग के अधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारी, डिप्टी सीएमओ, अधिशासी अभियंता विद्युत तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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