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एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के तीसरे भी भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा बरकरार

अंबेकर मीतेई, आदित्य और सिकंदर ने शानदार जीत दर्ज कर भारत की चुनौती को और मजबूत किया जकार्ता। एशियन अंडर-19 एवं अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप के तीसरे दिन भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा। अंडर-19 वर्ग में अंबेकर मीतेई (50 किग्रा), आदित्य…

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एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के तीसरे भी भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा बरकरार
Aditya (U-19) celebrates his bout win with coaches at Asiaom U919 & U-23 Boxing Championship

अंबेकर मीतेई, आदित्य और सिकंदर ने शानदार जीत दर्ज कर भारत की चुनौती को और मजबूत किया

जकार्ता। एशियन अंडर-19 एवं अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप के तीसरे दिन भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा। अंडर-19 वर्ग में अंबेकर मीतेई (50 किग्रा), आदित्य (55 किग्रा), सिकंदर (60 किग्रा) और देवेंद्र चौधरी (75 किग्रा) ने प्रभावशाली जीत दर्ज कर भारत की चुनौती को और मजबूत किया।

50 किलोग्राम भार वर्ग में अंबेकर मीतेई ने चीनी ताइपे के क्यू-यू शियाओ को पहले ही राउंड में आरएससी (रेफरी स्टॉप्ड कॉन्टेस्ट) के जरिए हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। मुकाबले की शुरुआत से ही अंबेकर पूरी तरह हावी रहे और प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया।

55 किलोग्राम वर्ग में आदित्य ने किर्गिस्तान के डेनियल ताश्तानबेकोव को 5-0 के एकतरफा फैसले से हराया। इसके बाद 60 किलोग्राम वर्ग में सिकंदर ने दक्षिण कोरिया के तैमिन यांग के खिलाफ भी 5-0 की शानदार जीत दर्ज की।

75 किलोग्राम वर्ग में देवेंद्र चौधरी ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए चीनी ताइपे के सुंग-लिन त्साई को दूसरे राउंड में आरएससी के जरिए पराजित किया। इस जीत ने विभिन्न भार वर्गों में भारतीय मुक्केबाजों की मजबूत दावेदारी को और मजबूती दी।

हालांकि 70 किलोग्राम वर्ग में प्रशांत को कड़े मुकाबले में कजाकिस्तान के बिबारिस अशिरवाय के हाथों हार का सामना करना पड़ा। प्रशांत पहला राउंड 1-4 से हार गए, लेकिन दूसरे राउंड में शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीत दर्ज की। निर्णायक तीसरे राउंड में भी उन्होंने कड़ी टक्कर दी, लेकिन 2-3 के अंतर से मुकाबला गंवा बैठे।

भारतीय मुक्केबाजों के लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन से यह स्पष्ट हो रहा है कि देश की युवा बॉक्सिंग प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से अपनी पहचान बना रही हैं। शुरुआती दौर के मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास और तकनीकी दक्षता का बेहतरीन प्रदर्शन किया है।