हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद, 3.78 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

पायनियर समाचार सेवा। देहरादून । उत्तराखंड के प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट दोपहर दो बजे शीतकाल के लिए बंद हो गए इसके साथ ही इस वर्ष की यात्रा का समापन हो गई। इस बार हेमकुंड साहिब की यात्रा ऐतिहासिक रही और देश-विदेश से आए 3.78 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गुरुद्वारे में मत्था टेककर दर्शन किए। श्रद्धालुओं की यह संख्या यात्रा के लिए एक नया रिकॉर्ड मानी जा रही है। कपाट बंद होने के अवसर पर हेमकुंड साहिब में बड़ी संख्या में सिख संगत मौजूद रही। हर वर्ष चारधाम यात्रा के साथ ही हेमकुंड साहिब की यात्रा भी संचालित होती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था के साथ पहुंचते हैं। इस वर्ष श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विश्वजीत नेगी ने राज्य सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस वर्ष यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, इसके बावजूद यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया गया। नेगी ने कहा कि यदि पांच करोड़ की क्षमता के अनुरूप व्यवस्थाएं की जाएं और यात्रियों की संख्या दस करोड़ तक पहुंच जाए, तो अव्यवस्था की स्थिति पैदा होना स्वाभाविक है। इसके बावजूद सरकार ने यात्रा का प्रबंधन बेहतर ढंग से किया और श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया। हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने के साथ ही श्रद्धालुओं की इस वर्ष की यात्रा संपन्न हो जाएगी। रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से इस बार की यात्रा को विशेष और ऐतिहासिक माना जा रहा है।



