हाथियों का डेरा, फसलें बर्बाद- ग्रामीणों में दहशत

किसानों को जगह-जगह विशाल पैरों के निशान मिल रहे,रातभर जागकर खेतों की पहरेदारी करने को मजबूर
बिहारीगढ़। शिवालिक की पहाड़ियों से उतरकर हाथियों का झुंड पिछले चार दिन से घरकर्मा गांव की चौखट पर डेरा डाले हुए है। हाथियों की लगातार दस्तक से ग्रामीणों में दहशत है और किसान रातभर जागकर खेतों की पहरेदारी करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार झुंड ने खेतों में खड़ी फसलों को बुरी तरह रौंद दिया है। सुबह खेतों में जाने पर जगह-जगह विशाल पैरों के निशान मिल रहे हैं। इससे खेतों में जाना भी जोखिम भरा हो गया है। रात में घर से बाहर निकलने में भी लोग डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी शाम ढलते ही आबादी की ओर बढ़ने लगते हैं और पूरी रात फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।
बताया गया कि करीब एक माह पहले ताकीपुर क्षेत्र में भी हाथी ने दस्तक दी थी। तब वन विभाग ने हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए अभियान चलाया था, लेकिन जंगली हाथियों को नियंत्रित करना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।
इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी लव सिंह ने बताया कि हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए विशेष टीम गठित की जा रही है। टीम जीपीएस व फुट पेट्रोलिंग से हाथियों को ट्रैक कर आबादी से दूर घने जंगल की ओर ले जाने का प्रयास करेगी, ताकि अप्रिय घटना से बचा जा सके।
ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और फसल नुकसान का आकलन कर मुआवजे की मांग की है।



