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एसआईआर पर विपक्ष के प्रदर्शन को सीएम धामी ने बताया बहाना

एसआईआर पर विपक्ष के प्रदर्शन को सीएम धामी ने बताया बहाना

  • बोले- ‘गलत चीजों को रोकने और मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए जरूरी है प्रक्रिया’

पायनियर समाचार सेवा। देहरादून। देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर विपक्ष के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। दिल्ली में विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम धामी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार पिछले साल मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं, जबकि इससे पहले भी भाजपा-एनडीए लगातार चुनाव जीतती रही है। ऐसे में कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एस आई आर देश में पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले भी करीब 20 बार स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया हो चुकी है, लेकिन तब किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई गई। उन्होंने कहा कि मौजूदा एस आई आर मतदाता सूची के शुद्धिकरण और गलत नामों को हटाने के लिए किया जा रहा है।
धामी ने सवाल उठाते हुए कहा कि घुसपैठियों को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए या नहीं? ऐसे लोगों के नाम, जो कई राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं, क्या उन्हें मतदान का अधिकार मिलना चाहिए? उन्होंने कहा कि गलत चीजों को रोकने और मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चल रही प्रक्रिया पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। सीएम ने विपक्ष के विरोध पर तंज कसते हुए कहा कि अगर किसी को इस प्रक्रिया से आपत्ति हो रही है तो इससे स्पष्ट है कि ह्यदाल में कुछ काला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग ऐसे लोगों के सहारे चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश संविधान, कानून और व्यवस्था के आधार पर चलेगा, न कि हुड़दंगबाजी और माहौल खराब करने से। धामी ने विपक्ष पर चुनाव परिणामों के लिए संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष कभी ईवीएम, कभी प्रशासनिक मशीनरी और कभी चुनाव आयोग पर सवाल उठाता है। जब चुनाव हारते हैं तो ईवीएम पर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन उसी ईवीएम से जीत मिलने पर वह सही हो जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश देख रहा है कि यह विरोध सिर्फ एक बहाना है और इसके पीछे चुनाव को प्रभावित करने की मंशा है। उन्होंने कहा कि जब यह मंशा सफल नहीं हो रही है तो विपक्ष विरोध प्रदर्शन कर रहा है। उत्तराखंड में भी एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश में विपक्ष ने सरकार और निर्वाचन प्रक्रिया पर निशाना साधा है। दिल्ली में विपक्षी सांसदों के ताजा प्रदर्शन के बाद एस आई आर को लेकर सियासी विवाद और तेज हो गया है।

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