एसआईआर के विरोध को सीएम धामी ने बताया कांग्रेस की राजनीतिक हताशा

- बोले—कांग्रेस के शासनकाल में भी होता था मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण
पायनियर समाचार सेवा। देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन के विरोध पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक हताशा करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने शासनकाल का इतिहास देखना चाहिए, जब मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पहले भी होती रही है। उस समय इस प्रक्रिया पर आपत्ति नहीं जताने वाली कांग्रेस आज इसी मुद्दे पर सवाल खड़े कर रही है, जो उसके दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एस आई आर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके। भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सीएम धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन इस मुद्दे पर भ्रामक प्रचार कर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस संवैधानिक प्रक्रियाओं पर अनावश्यक विवाद खड़ा कर अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान भटकाना चाहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास, सुशासन और राष्ट्रहित के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। कांग्रेस अपनी घटती राजनीतिक प्रासंगिकता से असहज है, इसलिए जनहित और पारदर्शिता से जुड़े विषयों पर भी विवाद पैदा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध का अपना महत्व है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जनता में अनावश्यक अविश्वास पैदा करना उचित नहीं है। कांग्रेस को भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।



