दून अस्पताल में हादसे का इंतजार कर रहा सिस्टम, ओटी इमरजेंसी बिल्डिंग में फिर गिरी फॉल सीलिंग

- पहले ईएमओ रूम, अब एनपीसीसी रूम में हादसा
- बाल-बाल बचा नर्सिंग रेजिडेंट, ओपीडी में भी कई जगह खतरा
पायनियर समाचार सेवा। देहरादून। दून अस्पताल की ओटी इमरजेंसी बिल्डिंग में फॉल सीलिंग गिरने की घटनाएं लगातार सामने आने से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले ईएमओ रूम में फॉल सीलिंग गिरने की घटना सामने आई थी, वहीं अब एनपीसीसी रूम में भी फॉल सीलिंग गिरने की बात सामने आई है। इस घटना में एक नर्सिंग रेजिडेंट बाल-बाल बच गया। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक क्या कदम उठाए गए हैं, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल में मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ओपीडी में भी बना हुआ है खतरा
जानकारी के अनुसार, अस्पताल की ओपीडी में भी कई स्थानों पर फॉल सीलिंग से खतरा बना हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि नई बिल्डिंगों में इस तरह की समस्याएं क्यों सामने आ रही हैं। क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच और भवनों के नियमित निरीक्षण में लापरवाही बरती जा रही है?
नर्सिंग एकता मंच ने उठाए सवाल
नर्सिंग एकता मंच, उत्तराखंड ने मामले को लेकर सवाल उठाते हुए कहा है कि क्या जिम्मेदार सिस्टम किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? लगातार सामने आ रही घटनाएं अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। मामले में मांग उठ रही है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए, खतरे वाले हिस्सों को सुरक्षित किया जाए और फॉल सीलिंग गिरने के कारणों की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले जरूरी कदम उठाए जा सकें।



