दस महीने पहले केस जीतने के बावजूद 58 पदों की प्रतीक्षा सूची का इंतजार, नर्सिंग अभ्यर्थियों में आक्रोश

- लगातार बैठकों के बाद भी प्रतीक्षा सूची जारी नहीं
- अगले सप्ताह तक समाधान नहीं हुआ तो चयन बोर्ड अध्यक्ष का होगा घेराव — नर्सिंग एकता मंच
देहरादून। उत्तराखंड में नर्सिंग अभ्यर्थियों की 58 पदों पर प्रतीक्षा सूची जारी होने का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। लगभग दस महीने पहले न्यायालय से केस जीतने के बावजूद अभ्यर्थियों को अभी तक प्रतीक्षा सूची जारी होने का इंतजार करना पड़ रहा है। चयन बोर्ड की लगातार चार-पांच बैठकें होने के बाद भी सूची जारी न होने से प्रदेशभर के नर्सिंग अभ्यर्थियों में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नर्सिंग एकता मंच ने इस देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अभ्यर्थी लंबे संघर्ष और कानूनी लड़ाई के बाद न्यायालय से जीत हासिल कर चुके हैं, तो फिर 58 पदों पर प्रतीक्षा सूची जारी करने में आखिर इतनी देरी क्यों हो रही है? लगातार बैठकें होने के बावजूद निर्णय सामने न आना अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा रहा है। आखिर इस देरी के लिए जिम्मेदार कौन है और अभ्यर्थियों को कब तक इंतजार करना पड़ेगा ये प्रश्न और चयन बोर्ड के अध्यक्ष की कार्यशैली में सवाल खड़ा करता है। मंच का कहना है कि नर्सिंग अभ्यर्थी लंबे समय से अपने भविष्य को लेकर उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में न्यायालय से केस जीतने के महीनों बाद भी सूची जारी न होना उनके भविष्य और मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।
नर्सिंग एकता मंच ने स्पष्ट किया है कि यदि अगले सप्ताह तक 58 पदों पर प्रतीक्षा सूची जारी करने के संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तो मंच चयन बोर्ड के अध्यक्ष का घेराव कर देरी का कारण पूछेगा। मंच का कहना है कि अभ्यर्थियों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्पष्ट जवाब और उचित कार्रवाई चाहिए। मंच ने चयन बोर्ड से मांग की है कि प्रतीक्षा सूची जारी करने में हो रही देरी का कारण सार्वजनिक किया जाए और सूची को जल्द से जल्द जारी किया जाए, ताकि लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिल सके। नर्सिंग एकता मंच ने कहा कि अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ आखिर कब तक ऐसा खिलवाड़ होता रहेगा? दस महीने पहले केस जीतने के बाद भी यदि अभ्यर्थियों को अपने हक के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, तो यह गंभीर सवाल है। अब समय आ गया है कि जिम्मेदारी तय हो और अभ्यर्थियों को उनके भविष्य से जुड़ा स्पष्ट जवाब मिले।



