किसानों को 10 दिन में मुआवजा, 9.18 लाख खातों में ₹493 करोड़ ट्रांसफर; गोरखपुर से योगी ने सपा-कांग्रेस पर बोला हमला

गोरखपुर, 12 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में बारिश, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बड़ा कदम उठाया। गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 9,18,091 किसानों के खातों में 493 करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान राशि हस्तांतरित की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आपदा प्रभावित किसानों को त्वरित सहायता उपलब्ध करा रही है, जबकि पिछली सरकारों के कार्यकाल में किसानों के मुआवजे में गड़बड़ी होती थी।
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2014 में हुदहुद चक्रवात के दौरान केंद्र से 3,200 करोड़ रुपये मिलने के बावजूद तत्कालीन सपा सरकार किसानों को केवल 800 करोड़ रुपये ही बांट सकी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद मामले की जांच कराई गई और किसानों को बकाया मुआवजा दिलाने के लिए अलग से धनराशि की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की मेहनत की कमाई पर डाका डालने वालों को जनता ने सबक सिखाया।
आपदा राहत में तेजी, इस वर्ष करीब एक हजार करोड़ की मदद
योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि, बाढ़, ओलावृष्टि और चक्रवात से फसल क्षति झेलने वाले किसानों को आठ से दस दिन के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराया गया है। उनके मुताबिक, इस वर्ष बरसात के दौरान किसानों और अन्य आपदा प्रभावित नागरिकों को करीब एक हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में तेजी लाई जाए। बाढ़ से कटान रोकने के लिए तत्काल काम शुरू करने और मौसम साफ होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने को कहा गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि आपदा राहत और आवागमन बहाल करने के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
कांग्रेस पर भी हमला, DBT को बताया पारदर्शी व्यवस्था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी सहायता वितरण की व्यवस्था पर कांग्रेस को भी घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान 100 रुपये में से लाभार्थी तक केवल 15 रुपये पहुंचने की बात पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी कही थी। सीएम योगी ने दावा किया कि अब प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के जरिए किसानों को स्वीकृत सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में मिलती है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान के लिए 25 हजार रुपये स्वीकृत किए जाते हैं, तो पूरी राशि उसके खाते में पहुंचती है। सरकार के मुताबिक, इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका कम करने और भुगतान में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिली है।
आपदा में जान गंवाने पर 24 घंटे में सहायता के निर्देश
सीएम योगी ने कहा कि आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर प्रभावित परिवार को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। आकाशीय बिजली समेत दुर्घटनाओं के पात्र मामलों में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त आवासों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1.20 लाख रुपये देने का प्रावधान भी बताया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले भी 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के लिए करीब 78 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में 225.93 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
15 अक्टूबर से प्रभावित जिलों में शुरू होगी फसल खरीद
किसानों को राहत देने के साथ उनकी उपज की खरीद पर भी मुख्यमंत्री ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि प्रभावित जिलों में 15 अक्टूबर से धान, ज्वार, बाजरा और मक्का के क्रय केंद्र खोले जाएंगे। अन्य जिलों में खरीद सोमवार से शुरू होने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज खरीदने की कोई सीमा नहीं होगी और भुगतान सीधे खातों में भेजा जाएगा।
सीएम योगी ने दावा किया कि प्रदेश सरकार 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर चुकी है। इसके अलावा 16 लाख निजी नलकूपों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई गई है और 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा मिली है।
कृषि मंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए अब तक 69,163 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने गन्ने का मूल्य 280 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने और गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नौ वर्षों में 6,125 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई है।
सांसद रवि किशन ने भी आपदा राहत और किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित लाभार्थियों को सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक सौंपे और मिशन शक्ति के छठे चरण की जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाई।



