जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ प्रस्ताव को निदेशक मंडल की मंजूरी

नयी दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल एवं दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के निदेशक मंडल ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए दस्तावेज दाखिल करने को मंजूरी दे दी है। आईपीओ के तहत 27 करोड़ तक नए शेयर जारी किए जाएंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक में कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स के निदेशक मंडल की मंजूरी के बाद दस्तावेज शुक्रवार को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष दाखिल किए जाएंगे। जियो प्लेटफॉर्म्स का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 10 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर का निर्गम होगा। निर्गम मूल्य ‘बुक बिल्डिंग’ प्रक्रिया के जरिये तय किया जाएगा।

जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की एक अनुषंगी कंपनी है और समूह के दूरसंचार, डिजिटल सेवाओं तथा प्रौद्योगिकी व्यवसायों को संभालती है। कंपनी ने इस प्रस्तावित निर्गम का मूल्य दायरा या कुल आकार का खुलासा नहीं किया है जो अंतिम निर्गम मूल्य एवं नियामकीय मंजूरी पर निर्भर करेगा। अंबानी ने जियो आईपीओ को कंपनी का वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण मूल्य-सृजन कार्यक्रम बताया। उन्होंने कहा कि आईपीओ प्रक्रिया का नेतृत्व उनके बच्चे आकाश, ईशा और अनंत कर रहे हैं, जो जियो के अगले चरण के विकास एवं मूल्य सृजन का नेतृत्व करेंगे। अंबानी ने कहा कि जियो की प्रस्तावित सूचीबद्धता दुनिया को दिखाएगी कि भारत वैश्विक स्तर की प्रौद्योगिकी कंपनियां, वैश्विक क्षमता और वैश्विक मूल्य का निर्माण कर सकता है। आईपीओ की घोषणा के साथ ही जियो के अगले चरण के विस्तार के लिए पांच रणनीतिक प्राथमिकताएं भी निर्धारित की गर्इं।

कंपनी ने अपने जियो ट्रू5जी नेटवर्क के उपयोग को तेज करने की योजना बनाई है और 2030 तक अपने समूचे ग्राहक आधार को 5जी पर स्थानांतरित करने के साथ ही 6जी मानकों के विकास में भारत की भूमिका को आगे बढ़ाया जाने का लक्ष्य रखा है। जियो का उद्देश्य जियो एयरफाइबर के माध्यम से उच्च गति ब्रॉडबैंड की पहुंच का विस्तार करना भी है। इसमें 90 प्रतिशत से अधिक इंस्टॉलेशन 24 घंटे के भीतर पूरे हो जाते हैं और होम ब्रॉडबैंड जोड़ने की दर प्रतिदिन 60,000 कनेक्शन तक पहुंच रही है। जियो एयरफाइबर इसकी फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस सेवा है। कंपनी छोटे एवं मध्यम आकार के व्यवसायों को डिजिटल बनाने के प्रयास जारी रखेगी, जिसके लिए जियोपीसी जैसे उत्पादों का उपयोग किया जाएगा, जो सेट-टॉप बॉक्स के माध्यम से दी जाने वाली क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा है। साथ ही उपभोक्ता सेवाओं, नेटवर्क संचालन और ग्राहक सहायता में एआई के उपयोग का विस्तार किया जाएगा।

जियो अपने स्वामित्व वाले प्रौद्योगिकी मंच को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यावसायिक रूप से उपयोग में लाने की भी योजना बना रहा है, जिसके लिए भारत के 5जी, फिक्स्ड वायरलेस और एआई बाजारों के लिए विकसित सॉफ्टवेयर एवं बुनियादी ढांचा का लाभ उठाया जाएगा। अंबानी ने कहा कि प्रीमियम 5जी सेवाओं, एआई-सक्षम पेशकश और एंटरप्राइज समाधान के विस्तार के साथ प्रति उपयोगकर्ता राजस्व बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मैं आपको और सभी संभावित नए निवेशकों को आश्वस्त करता हूं कि जियो का भविष्य और अधिक उज्ज्वल है। इस बीच मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने बीएसई को दी सूचना में कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की एक महत्वपूर्ण अनुषंगी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के निदेशक मंडल ने आज जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) को मंजूरी दे दी है।

इसे सेबी, बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में दाखिल किया जाएगा। यह आईपीओ 10 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27,00,00,000 नए शेयर पर आधारित निर्गम होगा। विश्लेषकों का अनुमान है कि जियो का आईपीओ अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम हो सकता है, जिसका मूल्यांकन 130झ्र180 अरब अमेरिकी डॉलर तक आंका गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) की 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में जियो के प्रस्तावित सूचीबद्धता को लेकर निवेशकों की विशेष रुचि रही, क्योंकि यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ माना जा रहा है। इस आईपीओ के लगभग चार अरब अमेरिकी डॉलर के आसपास होने की अटकलें हैं, हालांकि कंपनी ने अभी इसका आकार स्पष्ट नहीं किया है।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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