जर्जर तारों से विद्युत विभाग की लापरवाही का ग्रामीणों ने लगाया आरोप
जगदीशपुर-अमेठी। कोतवाली क्षेत्र के गांव में शुक्रवार सुबह खेत में गिरे विद्युत तार की चपेट में आने से दो किसानों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। ग्रामीणों ने घटना के लिए विद्युत विभाग की लापरवाही और जर्जर तारों को जिम्मेदार ठहराया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जगदीशपुर कोतवाली के हरपालपुर निवासी रामबोध यादव (55 वर्ष) पुत्र जोहरक यादव तथा हीरालाल प्रजापति (58 वर्ष) पुत्र गुरुदीन प्रजापति सुबह करीब 6 बजे खेत गए थे विद्युत करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के निकट स्थित एक ट्यूबवेल तक बिजली आपूर्ति के लिए खंभे से तार ले जाया गया था। किसी कारणवश यह तार टूटकर खेत में गिर गया था, लेकिन उसमें विद्युत प्रवाह जारी था।शुक्रवार सुबह हीरालाल प्रजापति अपने खेत की ओर गए। खेत में गिरे तार की जानकारी न होने के कारण वह करंट की चपेट में आकर गिर पड़े। कुछ दूरी पर मौजूद रामबोध यादव ने उन्हें गिरते देखा तो उनकी सहायता के लिए दौड़ पड़े, लेकिन खेत में फैले करंट की चपेट में वह भी आ गए। दोनों किसान गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से जर्जर विद्युत तारों की समस्या बनी हुई है, जिसकी शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं संबंधित विभागीय अधिकारी भी घटना की जांच में जुटे हैं। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक जगदीशपुर धीरेंद्र यादव ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।










