अमरिया तिहरे हत्याकांड में तीन आरोपियों को पुलिस ने भेजा जेल
बुधवार को दोनों भाइयों का गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार

पीलीभीत । अमरिया में रामलीला मेला कमेटी के चार साल के आय-व्यय का हिसाब मांगने को लेकर हुए विवाद में तीन लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने बुधवार को मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता समेत तीन आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी राइफल, अवैध तमंचा, दो कारें और लाठी-डंडे बरामद किए हैं। उधर, दो सगे भाइयों अंकित गुप्ता और मोहित गुप्ता का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में किया गया।
मंगलवार को अंकित गुप्ता और 15 वर्षीय कुणाल श्रीवास्तव के शवों का पीलीभीत में पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया, जबकि मोहित गुप्ता के शव का बरेली में पोस्टमार्टम हुआ। फायरिंग में अंकित और कुणाल की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल मोहित ने बरेली के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। पुलिस के मुताबिक, रामलीला मेला कमेटी के चार साल के आय-व्यय का हिसाब मांगने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। 12 अक्टूबर की रात करीब सवा नौ बजे कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और फायरिंग शुरू हो गई। घटना में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया।
मृतक अंकित के भाई रोहित गुप्ता की तहरीर पर छह नामजद समेत 12 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि घटना से तीन दिन पहले भी अंकित और मोहित की कौशल गुप्ता से कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश में आरोपियों ने दुकान के सामने पहुंचकर गाली-गलौज की और विरोध करने पर हमला कर दिया।
तहरीर में कौशल गुप्ता और संतोष कुमार पर गोली मारने समेत अन्य आरोपियों पर धारदार हथियार से हमला करने के आरोप लगाए गए हैं। बुधवार को संतोष कुमार गुप्ता, नरेश कुमार गुप्ता और कौशल गुप्ता को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम में थाना प्रभारी अमित सिंह, उपनिरीक्षक राजेश कुमार, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार तथा कांस्टेबल अंकुर कुमार, आकाश मान और जॉनी यादव शामिल रहे।



