नोएडा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को बिजली व्यवस्था और उपभोक्ता सुविधाओं को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि नोएडा में हिंडन नदी के किनारे स्थित बस्तियों में पात्र लोगों को नियमानुसार वैध और अस्थायी बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए, ताकि लोगों को बिजली की सुविधा के लिए अवैध साधनों या बिचौलियों पर निर्भर न रहना पड़े।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन और बिजली विभाग के स्तर पर इस व्यवस्था को लेकर कार्रवाई की दिशा साफ हो गई है। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि जहां नियमानुसार बिजली कनेक्शन दिया जाना संभव है, वहां पात्र परिवारों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही अस्थायी कनेक्शन की सुविधा भी नियमों के अनुसार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
कनेक्शन से मिलने वाला राजस्व विद्युत बोर्ड में जमा कराने के निर्देश
सीएम योगी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि इन बस्तियों में दिए जाने वाले बिजली कनेक्शनों से जो भी राजस्व प्राप्त हो, उसे नियमानुसार विद्युत बोर्ड में जमा कराया जाए। सरकार का जोर इस बात पर है कि बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पारदर्शी तरीके से संचालित हो और उपभोक्ताओं से लिया गया पैसा सरकारी व्यवस्था में ही जमा हो।
मुख्यमंत्री के निर्देश का एक अहम पहलू अवैध धन उगाही पर रोक लगाना भी है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि बिजली कनेक्शन या अन्य सरकारी सुविधाओं के नाम पर यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अवैध वसूली में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अवैध वसूली पर होगी कड़ी कार्रवाई
सरकार की ओर से अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए अनधिकृत भुगतान न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।हिंडन नदी के किनारे बसी बस्तियों में बिजली कनेक्शन का मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील माना जाता रहा है। ऐसे क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को लेकर वैध कनेक्शन और अस्थायी कनेक्शन की व्यवस्था के बीच संतुलन बनाना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के निर्देश से अब विभागीय स्तर पर पात्र लोगों को नियमों के दायरे में बिजली सुविधा उपलब्ध कराने पर फोकस बढ़ सकता है।सरकार का संदेश साफ है कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ राजस्व व्यवस्था भी पारदर्शी रहनी चाहिए। वहीं, सरकारी प्रक्रिया के नाम पर किसी भी तरह की अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे व्यवस्था की निगरानी करें और शिकायत मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।