- निदेशक और प्रिंसिपल बदले
पायनियर समाचार सेवा। देहरादून। राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान में दृष्टि बाधित छात्रों का पिछले कई दिनों से चल रहा आंदोलन आखिरकार स्थगित हो गया है। छात्रों और संस्थान प्रबंधन के बीच हुई बातचीत के बाद कई मांगों पर सहमति बनी है। इसके बाद कक्षा 9 से 12वीं तक की शैक्षणिक गतिविधियां दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो गई हैं। छात्र तीन अगस्त से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में लैपटॉप उपलब्ध कराने, संस्थान में स्थायी निदेशक की नियुक्ति, छात्रवृत्ति की सुविधा, पर्याप्त किताबें उपलब्ध कराने के साथ ही खेल मैदान और जिम की सुविधा देने की मांग शामिल थी। मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर विरोध जारी रखा था। लगातार विरोध के बीच संबंधित मंत्रालय की ओर से संस्थान के निदेशक और प्रिंसिपल की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। अब डॉ. विनोद कुमार केन को संस्थान के निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि वरिष्ठ शिक्षिका मंजू को प्रभारी प्रिंसिपल बनाया गया है। इससे पहले निदेशक की जिम्मेदारी प्रदीप और प्रिंसिपल के पद पर अमित शर्मा कार्यरत थे।
लैपटॉप की खरीद प्रक्रिया शुरू
छात्रों की मांगों पर हुई सहमति के बाद लैपटॉप खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के दौरान छात्रों को प्रतिमाह 2,000 रुपये देने पर भी सहमति बनी है। संस्थान में जिन किताबों की कमी है, उन्हें जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। छात्रों की अन्य मांगों पर भी विचार किए जाने की बात कही गई है। प्रभारी निदेशक डॉ. विनोद कुमार केन ने कहा कि छात्रों के साथ लगातार समन्वय बनाकर उनकी समस्याओं को समझने और समाधान निकालने का प्रयास किया गया। बातचीत के बाद छात्रों ने आंदोलन स्थगित कर दिया है और अब कक्षाओं में शिक्षण कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर विचार किया जा रहा है और कुछ मांगों पर काम भी शुरू हो चुका है। इधर, सोशल मीडिया पर संस्थान के पूर्व प्रिंसिपल अमित शर्मा का एक पुराना वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में वह छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में आंदोलन जारी रखने पर कार्रवाई की बात भी कही जा रही है। हालांकि, बताया जा रहा है कि यह वीडियो कई दिन पुराना है और अब सोशल मीडिया पर सामने आया है। छात्रों के आंदोलन के कारण कई दिनों तक कक्षा 9 से 12वीं तक की पढ़ाई प्रभावित रही। अब आंदोलन स्थगित होने के बाद संस्थान में शैक्षणिक गतिविधियां सामान्य होने लगी हैं।