- स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर होगी बैठक, तत्काल समाधान की मांग
- लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति से लेकर कैशलेस उपचार और अस्पतालों के क्लेम तक उठेंगे मुद्दे
पायनियर समाचार सेवा। देहरादून। गोल्डन कार्ड योजना में आ रही विभिन्न समस्याओं और कर्मचारियों एवं पेंशनरों को उपचार के दौरान हो रही परेशानियों के समाधान को लेकर कर्मचारी संगठन एकजुट होंगे। समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर कर्मचारी संगठनों की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में गोल्डन कार्ड योजना से जुड़ी लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति, अस्पतालों के क्लेम, कैशलेस उपचार, उपचार की स्वीकृति में देरी और योजना में शामिल अस्पतालों की संख्या बढ़ाने समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
सचिवालय संघ के महासचिव राजेन्द्र रतूड़ी ने कहा कि गोल्डन कार्ड योजना का उद्देश्य कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को बेहतर एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, लेकिन वर्तमान में कई स्तरों पर समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का तत्काल समाधान जरूरी है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक बुलाने की पहल की गई है। कर्मचारी संगठनों की ओर से लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति के सभी प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण कर भुगतान कराने की मांग की जाएगी। विशेष रूप से अक्टूबर 2025 से लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति एवं अन्य भुगतान प्रकरणों के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग रखी जाएगी। बैठक में एम्पैनल्ड अस्पतालों के लंबित क्लेम का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठेगा। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं होने से कई बार गोल्डन कार्ड धारकों को उपचार देने में परेशानी होती है। इसके साथ ही उपचार की वास्तविक लागत और निर्धारित पैकेज राशि के बीच अंतर को पूरा करने के लिए गैप फंडिंग की प्रभावी व्यवस्था की मांग की जाएगी। संगठनों की ओर से सभी एम्पैनल्ड अस्पतालों में वास्तविक कैशलेस उपचार सुनिश्चित करने, राज्य के प्रमुख निजी एवं उच्च स्तरीय अस्पतालों को योजना से जोड़ने तथा किसी कारणवश योजना से बाहर हुए प्रमुख अस्पतालों को दोबारा सूचीबद्ध करने की मांग भी रखी जाएगी। कैंसर, हृदय, किडनी, न्यूरो और आथोर्पेडिक जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही उपचार की अप्रूवल प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। आपातकालीन मामलों में तत्काल स्वीकृति और उपचार की व्यवस्था की मांग होगी।
इसके अलावा गोल्डन कार्ड के उपचार पैकेज और दरों की समय-समय पर समीक्षा, उपचार एवं क्लेम की स्थिति आनलाइन देखने की सुविधा, पेंशनरों के लिए अस्पतालों में विशेष सहायता डेस्क, पात्र आश्रितों से जुड़ी समस्याओं का समाधान और आधुनिक चिकित्सा प्रक्रियाओं को योजना में शामिल करने जैसे मुद्दे भी बैठक में उठाए जाएंगे। कर्मचारी संगठन गोल्डन कार्ड से जुड़ी शिकायतों के लिए प्रभावी 24 घंटे हेल्पलाइन एवं शिकायत निवारण व्यवस्था की मांग करेंगे। प्रत्येक एम्पैनल्ड अस्पताल में गोल्डन कार्ड के लिए नोडल अधिकारी या हेल्प डेस्क बनाने तथा कार्ड धारकों को उपचार या कैशलेस सुविधा से वंचित करने वाले अस्पतालों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की जाएगी। संगठनों का यह भी कहना है कि यदि गोल्डन कार्ड योजना को भविष्य में इंश्योरेंस मोड में संचालित किया जाता है तो कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को वर्तमान में मिल रही चिकित्सा सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं होनी चाहिए। आपातकालीन उपचार में औपचारिकताओं के कारण देरी न हो, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। राजेन्द्र रतूड़ी ने कहा कि गोल्डन कार्ड से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से कर्मचारियों और पेंशनरों के सामने हैं। इनका अब तत्काल समाधान जरूरी है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक में सभी प्रमुख समस्याओं को एकजुट होकर रखा जाएगा और समयबद्ध समाधान की मांग की जाएगी।