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योगी सरकार की खेल अवसंरचना को नई उड़ान, गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का 20% निर्माण पूरा

तीन माह में तेज रफ्तार से बढ़ा काम, पाइल फाउंडेशन और मुख्य लेवलिंग पूरी 46 एकड़ में विकसित होगा 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाला आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम विश्वस्तरीय सुविधाओं से सजेगा परिसर, पूर्वांचल को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का नया मंच लखनऊ,…

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योगी सरकार की खेल अवसंरचना को नई उड़ान, गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का 20% निर्माण पूरा
  • तीन माह में तेज रफ्तार से बढ़ा काम, पाइल फाउंडेशन और मुख्य लेवलिंग पूरी
  • 46 एकड़ में विकसित होगा 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाला आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम
  • विश्वस्तरीय सुविधाओं से सजेगा परिसर, पूर्वांचल को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का नया मंच

लखनऊ, पायनियर समाचार सेवा। उत्तर प्रदेश में खेल अवसंरचना को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक और महत्वपूर्ण परियोजना तेजी से आकार ले रही है। गोरखपुर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का कार्य निर्धारित समय-सीमा के अनुसार तेज गति से चल रहा है। करीब 392.94 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का लगभग 20 प्रतिशत निर्माण कार्य महज तीन महीनों में पूरा कर लिया गया है। स्टेडियम के तैयार होने के बाद पूर्वांचल को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट आयोजनों का नया केंद्र मिलने के साथ-साथ स्थानीय खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और रोजगार के बेहतर अवसर भी उपलब्ध होंगे।

भूमिपूजन के बाद निर्माण कार्य ने पकड़ी रफ्तार

16 मई 2026 को भूमिपूजन और शिलान्यास के बाद लोक निर्माण विभाग ने ईपीसी मोड के तहत निर्माण कार्य तेजी से शुरू किया। वर्तमान में मुख्य स्टेडियम परिसर की भूमि समतलीकरण और पाइल फाउंडेशन का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं बाहरी क्षेत्र में सड़क निर्माण, लेवलिंग और अन्य बुनियादी विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। परियोजना के लिए अब तक 110 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य निर्धारित 24 महीने की समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ स्टेडियम का निर्माण पूरा करना है।

46 एकड़ में बनेगा आधुनिक क्रिकेट कॉम्प्लेक्स

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में परियोजना के लिए 50 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त भी स्वीकृत कर दी है। इससे पहले 63.39 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी की गई थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय-सीमा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा परियोजना की नियमित समीक्षा की जा रही है। करीब 46 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह स्टेडियम 30 हजार दर्शकों की बैठने की क्षमता के साथ तैयार होगा।

अंतरराष्ट्रीय मानकों की होंगी सभी सुविधाएं

ग्राउंड प्लस टू डिजाइन पर तैयार किए जा रहे इस स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट पिच, अत्याधुनिक आउटफील्ड, हाई-मास्ट फ्लडलाइट्स, आधुनिक ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम, खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय ड्रेसिंग रूम, अभ्यास सुविधाएं तथा दर्शकों के लिए आरामदायक और आधुनिक बैठक व्यवस्था विकसित की जाएगी। तकनीकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खेल निदेशक की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जो पिच, आउटफील्ड, प्रकाश व्यवस्था, दर्शक दीर्घा और प्रसारण संबंधी सभी मानकों की निगरानी कर रही है।

गुणवत्ता, पारदर्शिता और ड्रेनेज सिस्टम पर विशेष फोकस

निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट की व्यवस्था लागू की गई है। वित्तीय किश्तों का भुगतान भी गुणवत्ता परीक्षण और कम से कम पांच स्थलीय निरीक्षण रिपोर्टों के आधार पर किया जाएगा। चूंकि स्टेडियम का क्षेत्र अपेक्षाकृत निचला है, इसलिए भविष्य में जलभराव से बचाव के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही सभी आवश्यक पर्यावरणीय और वैधानिक स्वीकृतियों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है, ताकि भविष्य में संचालन के दौरान किसी प्रकार की समस्या न आए।

गोरखपुर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम शासन और सरकार की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में शामिल है। इसकी प्रगति की लगातार उच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है। निर्माण पूरा होने के बाद यह स्टेडियम पूर्वांचल में खेल गतिविधियों को नई पहचान देने वाला प्रमुख क्रीड़ा केंद्र बनेगा।

— कुमार विनीत, विशेष सचिव, खेल विभाग