लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विमुक्त एवं घुमंतू समाज के लिए बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कहा कि अब इस समाज को दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़ेंगी। राज्य सरकार द्वारा गठित घुमंतू विकास बोर्ड इन समुदायों को सम्मानजनक जीवन, सरकारी योजनाओं का लाभ और मुख्यधारा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बोर्ड केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं, बल्कि वर्षों से उपेक्षित समाज को न्याय, पहचान और विकास दिलाने का सशक्त मंच होगा।
लखनऊ में आयोजित आभार एवं अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए उत्तर प्रदेश सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि घुमंतू विकास बोर्ड इसी संकल्प का विस्तार है।
अंग्रेजों ने लगाया था ‘क्रिमिनल ट्राइब’ का कलंक
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1871 के क्रिमिनल ट्राइब एक्ट के तहत अंग्रेजों ने उन वीर समुदायों को अपराधी घोषित कर दिया था, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद डॉ. भीमराव अंबेडकर ने इस अन्याय को समाप्त कर इन समुदायों को “विमुक्त जाति” का सम्मान दिलाया, लेकिन दशकों तक इनके समग्र विकास के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं हुए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन समुदायों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आयोग का गठन किया गया और अब उत्तर प्रदेश सरकार ने घुमंतू विकास बोर्ड बनाकर इनके विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है।
सभी समुदायों को मिलेगा प्रतिनिधित्व
मुख्यमंत्री ने बताया कि बोर्ड की संरचना ऐसी होगी, जिसमें विभिन्न विमुक्त एवं घुमंतू जातियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। इससे समाज की समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचेंगी और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही वनटांगिया, मुसहर, थारू, गौड़, चेरो, बुक्सा, कोल और सहरिया जैसे वंचित समुदायों को राशन कार्ड, आवास, आयुष्मान कार्ड, गैस कनेक्शन, बिजली, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ चुकी है। अब घुमंतू समाज को भी इन सभी सुविधाओं का व्यापक लाभ मिलेगा।
“जिन्हें कांग्रेस और सपा ने नहीं पूछा, उन्हें मोदी सरकार ने सम्मान दिया”
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन समुदायों को वर्षों तक नजरअंदाज किया गया, उन्हें आज सम्मान और अधिकार मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए जनता वोट बैंक नहीं, बल्कि जनार्दन है और हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
असीम अरुण बोले- “घुमंतू नहीं, अब टिकंतू बन रहा समाज”
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि घुमंतू विकास बोर्ड समाज के लिए ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि अब यह समाज स्थायी आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाओं से जुड़ रहा है। उन्होंने कहा, “आज लोग कहने लगे हैं कि यह समाज अब घुमंतू नहीं, बल्कि टिकंतू बन रहा है।”
कार्यक्रम में सपेरा समाज ने पारंपरिक बीन वादन के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया और घुमंतू विकास बोर्ड के गठन पर आभार व्यक्त किया। समाज के प्रतिनिधियों ने इसे वर्षों पुरानी मांग पूरी होने वाला ऐतिहासिक फैसला बताया।