स्टाफ से हाथापाई, महिला कर्मी घायल
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। मड़ियांव थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में गुरुवार को उस वक्त बवाल मच गया, जब सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक 25 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और सड़क जाम करने की कोशिश की। इस दौरान परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच तीखी झड़प और हाथापाई हो गई। मृतक की पहचान शिवा जी पांडे (25) के रूप में हुई है, जो सीतापुर जिले के ग्राम गैरोली के रहने वाले मनोज पांडेय के इकलौते बेटे थे।

शिवा ज्ञानी आइस पार्लर अलीगंज लखनऊ में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत थे और पूरे परिवार का अकेला आर्थिक सहारा थे। उनके परिवार में पिता जो खेती-किसानी करते हैं, माता उषा पांडेय और तीन बहनें नेहा, गैरी व निशा हैं। सोमवार को शिवा अपने जीजा दिलीप तिवारी के गांव हसनापुर से एक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे। इसी दौरान सिधौली के ग्राम कदुनी के पास एक तेज रफ्तार पिकअप ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे के बाद उन्हें पहले कसमंडा सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
मेडिकल कॉलेज में दो दिन चले इलाज के बाद बुधवार देर रात लगभग 3:15 बजे परिजनों ने उन्हें जानकीपुरम स्थित सैन्योर अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का गंभीर आरोप पैसा ऐंठते रहे और बाद में मृत घोषित कर दिया मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने भर्ती करते वक्त इलाज शुरू करने से पहले 65 हजार रुपये जमा करवाए। इसके बाद डेढ़ लाख रुपये की और मांग की गई। परिजनों द्वारा विरोध करने पर 50 हजार रुपए और ऐंठे गए। परिजनों का दावा है कि अस्पताल ने किस्तों में लगभग एक लाख रुपये और जमा कराने के तुरंत बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। इससे परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वहीं दूसरी तरफ, सैन्योर अस्पताल के पीआरओ जी एस तिवारी ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मरीज को बुधवार देर रात 3:16 बजे बेहद गंभीर हालत में लाया गया था। हादसे के कारण मरीज का दाहिना हाथ पूरी तरह से खराब हो चुका था और उसमें गैंग्रीन (सड़न) फैल चुका था, जो धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल गया।
गुरुवार सुबह लगभग 9:30 बजे इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन का आरोप है कि मौत के बाद परिजनों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। हाथापाई के दौरान अनुपमा नाम की एक महिला स्टाफ गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई, वहीं परिजनों द्वारा एक अन्य महिला कर्मचारी की उंगली काटने का भी आरोप लगाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही मड़ियांव थाना प्रभारी शिवानंद मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए जानकीपुरम और मड़ियांव थाने की अतिरिक्त पुलिस टीमों को तैनात किया गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और सड़क पर लगाए गए जाम को हटवाकर यातायात बहाल किया। मड़ियांव थाना प्रभारी शिवानंद मिश्रा ने बताया कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और दोनों पक्षों के दावों की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










