कांवड़ यात्रा एवं श्रावण शिवरात्रि के मदेनजर मुख्य सचिव और डीजीपी ने बरेली जोन के अधिकारियों के साथ कि समीक्षा
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। आगामी कांवड़ यात्रा एवं श्रावण शिवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और दुर्घटनामुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के के लिए गुरुवार को बरेली के सर्किट हाउस में मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की संयुक्त अध्यक्षता में बरेली जोन के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की। जहां बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन, आयुक्त बरेली मंडल, पुलिस उपमहानिरीक्षक बरेली परिक्षेत्र, आयुक्त मुरादाबाद मंडल, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र तथा जनपद बरेली, बदायूँ, शाहजहाँपुर, पीलीभीत, मुरादाबाद, बिजनौर, सम्भल, रामपुर और अमरोहा के जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तथा अंतर्विभागीय समन्वय को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को जीरो इंसीडेंट, जोरी एक्सीडेंट के लक्ष्य को प्राप्त करने कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ घाटों, चेंजिंग रूम, शौचालयों, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं, एम्बुलेंस, विद्युत आपूर्ति तथा अन्य नागरिक सुविधाओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराएं तथा आम नागरिकों को भी न्यूनतम असुविधा हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। वहीं डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सामान्य दिनों की छोटी घटना भी गंभीर परिणाम का कारण बन सकती है।
इसलिए प्रत्येक घटना पर पुलिस एवं प्रशासन की प्रतिक्रिया त्वरित, संतुलित और प्रभावी होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए केवल ब्रीफिंग ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक प्रशिक्षण भी अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवाद, प्रशिक्षण एवं त्वरित संचार ही किसी भी बड़े आयोजन की सफलता और असफलता के बीच का सबसे महत्वपूर्ण अंतर सिद्ध होते हैं। डीजीपी ने कहा कि जीरो इंसीडेंट, जोरी एक्सीडेंट केवल एक नारा नहीं, बल्कि सभी अधिकारियों का कार्य लक्ष्य होना चाहिए। इसके लिए विगत वर्षों में घटित प्रत्येक घटना एवं दुर्घटना के मूल कारणों का विश्लेषण करते हुए सड़क सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में समय रहते सुधार किया जाए डीजीपी ने जनपद रामपुर ने काँवड़ यात्रा के सकुशल सम्पादन के लिए विकसित कांवड़ जत्था एप की सराहना करते हुए कहा कि इसके माध्यम से कांवड़ जत्थों की रीयल टाइम मॉनिटरिंग प्रभावी रूप से की जा सकती है।
उन्होंने अपर पुलिस महानिदेशक, बरेली जोन को उत्तर प्रदेश तकनीकी सेवाएं की टीम के साथ समन्वय स्थापित कर इस एप के आधार पर ऐसा एकीकृत सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे जोन एवं जनपद स्तर के कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर कांवड़ जत्थों की संख्या, उनके मार्ग, प्रवेश समय तथा आवाजाही की अद्यतन जानकारी रीयल टाइम में उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से भीड़ प्रबंधन, संसाधनों की समयबद्ध तैनाती तथा अग्रिम कार्ययोजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। डीजीपी ने कहा कि यात्रा की सफलता में कंट्रोल रूम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने निर्देशित किया कि कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि वे केवल सीसीटीवी निगरानी तक सीमित न रहकर परिस्थितियों का समग्र विश्लेषण करते हुए समयबद्ध एवं प्रभावी निर्णय सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने विभिन्न खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों से प्राप्त सूचनाओं का गंभीरतापूर्वक विश्लेषण करते हुए बीट पुलिस, स्थानीय अभिसूचना तंत्र एवं अन्य संबंधित इकाइयों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।









