जिलाधिकारी ने की जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश

गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश

संस्थागत प्रसव बढ़ाने और जननी सुरक्षा योजना का भुगतान एक सप्ताह में करने के निर्देश

10 अगस्त राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश

स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर होगी कार्रवाई, जनहित सर्वोपरि: जिलाधिकारी कपिल सिंह

संचारी रोग नियंत्रण अभियान एव दस्तक अभियान की अवधि 10 अगस्त तक विस्तारित

पायनियर संवाददाता। कानपुर देहात

जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता व मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में जनपदीय स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा बैठक माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार, कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के प्रारम्भ में गत बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि जनपद की प्रत्येक गर्भवती महिला एवं बच्चे का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि टीकाकरण कार्यक्रम में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी स्वास्थ्य इकाइयां निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करें।समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए सभी चिकित्सा अधीक्षकों एवं एमओआईसी को निर्देशित किया कि संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने के लिए प्रभावी रणनीति बनायी जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। साथ ही जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को देय भुगतान एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मातृत्व मृत्यु के प्रत्येक मामले की संवेदनशीलता के साथ समीक्षा करते हुए कारणों का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने सभी स्वास्थ्य इकाइयों को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की पहचान तथा समयबद्ध रेफरल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। उन्होंने आरसीएच पोर्टल पर सभी सम्बन्धित सूचनाओं एवं आकड़ों का अद्यतन डाटा समय से अपलोड करने के निर्देश भी दिए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यक्रम की प्रगति को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरबीएसके टीम विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में नियमित भ्रमण कर कमजोर, कुपोषित एवं विशेष स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों का चिन्हांकन करे तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा जाए।

उन्होंने बच्चों में कुपोषण की रोकथाम एवं स्वास्थ्य सुधार के लिए स्वास्थ्य एवं बाल विकास विभाग के मध्य समन्वय बढ़ाने पर भी बल दिया। बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गांव-गांव स्क्रीनिंग अभियान चलाकर संभावित टीबी रोगियों की पहचान की जाए तथा चिन्हित मरीजों को तत्काल उपचार से जोड़ा जाए। उन्होंने टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जन-जागरूकता, समय पर जांच तथा नियमित उपचार के निर्देश दिये।आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पात्र व्यक्तियों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे तथा अभियान चलाकर शेष लाभार्थियों का पंजीकरण पूर्ण कराया जाए। इसके साथ ही आभा आईडी निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण कार्यक्रम, संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। आगामी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (10 अगस्त 2026) की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने हेतु सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा एवं बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि शासन के निर्देशानुसार संचारी रोग नियंत्रण अभियान एव दस्तक अभियान की अवधि 10 अगस्त तक विस्तारित की गई है।

इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि नालियों की नियमित सफाई, जलभराव वाले स्थलों की पहचान, एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग, स्वच्छता अभियान एवं जन-जागरूकता गतिविधियां व्यापक स्तर पर संचालित की जाएं, जिससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया तथा अन्य संचारी रोगों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी ने बैठक के अंत में सभी एमओआईसी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट निर्धारित समयावधि में संबंधित पोर्टलों पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए तथा शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जय गोविन्द, जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, एसीएमओ डॉ. सुखलाल वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष बाजपेयी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं जनपद के सभी एमओआईसी उपस्थित रहे।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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