50 वर्षों से गांव में रह रहे नाथ समुदाय के परिवारों ने दबंगों पर लगाया परेशान करने का आरोप

- बंधुआ मजदूरी कराने का दबाव बनाने, गाली-गलौज और गांव से निकालने की धमकी देने का आरोप
पायनियर संवाददाता। उरई (जालौन)
जनपद जालौन के कुठौंद ब्लॉक के ग्राम रूरा जैतिया में रहने वाले नाथ समुदाय के परिवारों ने कुछ लोगों पर परेशान करने, जबरन बंधुआ मजदूरी कराने का दबाव बनाने और विरोध करने पर धमकाने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवारों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अपने परिवारों और घरों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के साथ ही आरोपित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में ठुमर नाथ पुत्र जाहर नाथ सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि नाथ समुदाय के परिवार पिछले करीब 50 वर्षों से ग्राम रूराजैतिया में निवास कर रहे हैं। उनके अनुसार, लगभग पांच दशक पहले गांव के जमींदारों ने उन्हें रहने के लिए जमीन दी थी। तभी से समुदाय के लोग कच्चे और पक्के मकान बनाकर अपने परिवारों के साथ रह रहे हैं। परिवारों का कहना है कि वह सांप-बिच्छू दिखाकर मांगने-खाने के साथ मजदूरी करके अपना जीवनयापन करते हैं। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, गांव में उनके आवास बने हुए हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी समुदाय के कई परिवारों को आवास मिले हैं। गांव में पक्की सड़क, नाली, हैंडपंप और बिजली के खंभे जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। परिवारों के आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज होने की बात भी प्रार्थना पत्र में कही गई है। पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ दबंग और अराजक तत्व पिछले तीन-चार वर्षों से उन्हें परेशान कर रहे हैं। आरोप है कि उनसे जबरन बंधुआ मजदूरी कराने का दबाव बनाया जाता है और मना करने पर गाली-गलौज करते हुए धमकियां दी जाती हैं। शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि उन्हें गांव छोड़कर चले जाने के लिए कहा जाता है, जिससे परिवारों में भय का माहौल है। प्रार्थना पत्र में अजीत कुमार निषाद, ज्ञानेन्द्र तिवारी, केवश चन्द्र, सोवरन सिंह, अखिलेश तिवारी और राममोहन तिवारी सहित कुछ लोगों के नाम दर्ज कर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित परिवारों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उनके घरों और परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा शिकायत में नामजद लोगों के खिलाफ जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।



