30 साल से ठेला लगाकर परिवार पाल रहे वेंडरों ने मांगी वैध जगह
कहा-उजाड़ने के बजाय वेंडिंग जोन में स्थान दें, बार-बार कार्रवाई से प्रभावित हो रहा रोजगार

बरेली। कुमार टॉकीज क्षेत्र में करीब 30 वर्षों से कपड़ों का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे पंजीकृत स्ट्रीट वेंडरों ने जिला प्रशासन से रोजगार बचाने की गुहार लगाई है। वेंडरों ने प्रार्थना-पत्र देकर मांग की कि उन्हें बार-बार हटाने के बजाय नियमानुसार वेंडिंग जोन में स्थान उपलब्ध कराया जाए।वेंडरों का कहना है कि वे नगर निगम में पंजीकृत हैं और उनके पास पंजीकरण समेत जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद समय-समय पर अतिक्रमण अभियान में उन्हें हटाया जाता है।
आरोप है कि कई बार सामान हटाने या जब्त करने के साथ पांच हजार रुपये अथवा अन्य राशि का जुर्माना भी लगाया गया। ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के कारण भी उन्हें कारोबार बंद करना पड़ता है। वेंडरों के मुताबिक उन्होंने नगर निगम के साथ आईजीआरएस , जनसुनवाई के माध्यम से कई बार वेंडिंग जोन में स्थान देने की मांग की है। उनका कहना है कि वे किसी एक स्थान पर कब्जा बनाए रखने की मांग नहीं कर रहे हैं। प्रशासन जहां भी नियमानुसार जहां जगह देगा, वे वहां जाने को तैयार हैं।वेंडरों ने बताया कि कई लोगों ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण लिया है।
कारोबार प्रभावित होने से रोजमर्रा का खर्च चलाने के साथ ऋण की किश्तें चुकाना भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से नगर निगम, टाउन वेंडिंग कमेटी, ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय कर वैकल्पिक वेंडिंग जोन निर्धारित करने, पुराने आवेदनों व आईजीआरएस शिकायतों की जांच और जब्ती-जुर्माने के रिकॉर्ड की समीक्षा की मांग की। वेंडरों ने कहा कि वे प्रशासन से टकराव नहीं, बल्कि नियमों के तहत रोजगार चलाने का अवसर चाहते हैं। ज्ञापन देने वालों में सैय्यद तकी अहमद, मोहम्मद , गुरदर्शन सिंह, मोहम्मद अकरम, युसूफ, सुभान, ताज मोहम्मद आदि उपस्थित रहे।



