बाल विवाह, दहेज और घरेलू हिंसा के खिलाफ महिलाओं को किया गया जागरूक

बीपी त्रिपाठी। उतरौला (बलरामपुर)
महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के पंचम चरण के द्वितीय चरण के अंतर्गत थाना कोतवाली उतरौला पुलिस द्वारा महुआधनी गांव में बहू-बेटी सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और किशोरियों को सामाजिक, कानूनी तथा सुरक्षा संबंधी विषयों पर जागरूक करते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय तथा क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो टीम की महिला पुलिसकर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
सम्मेलन में अविवाहित युवतियों, तलाकशुदा महिलाओं, आशा बहुओं, ग्राम प्रधानों तथा क्षेत्र की अन्य सम्मानित महिलाओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। इस दौरान समाज में बढ़ रही विभिन्न चुनौतियों, विशेषकर किशोरियों और युवतियों के घर छोड़कर जाने जैसी घटनाओं के कारणों, प्रभावों और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। महिलाओं को जागरूक किया गया कि वे अपने बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान तथा महिलाओं और बालिकाओं के उत्थान के लिए संचालित अन्य सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
महिला पुलिसकर्मियों ने उपस्थित महिलाओं को बाल विवाह निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, महिला अधिकारों तथा नशा मुक्ति अभियान के संबंध में भी जागरूक किया। साथ ही सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों का पालन करने के महत्व पर प्रकाश डाला गया। सम्मेलन के दौरान विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की गई। महिलाओं को वूमेन पावर लाइन 1090, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, एम्बुलेंस सेवा 108, स्वास्थ्य सेवा 102 तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया गया। उन्हें समझाया गया कि किसी भी प्रकार की समस्या, उत्पीड़न, साइबर अपराध या आपात स्थिति में इन सेवाओं का उपयोग कर तत्काल सहायता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने मिशन शक्ति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से महिलाओं में जागरूकता बढ़ती है और उन्हें अपने अधिकारों तथा सुरक्षा उपायों की जानकारी मिलती है। पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की समस्या या अपराध की सूचना बिना झिझक पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बहू-बेटी सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को जागरूक, आत्मविश्वासी और सशक्त बनाना रहा, जिससे वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहकर समाज में सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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