मुंबई
अबू धाबी स्थित दिग्गज निवेश कंपनी ‘इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी’ (आईएचसी) की वरिष्ठ अधिकारी मरियम बिंत मोहम्मद अल्महेइरी ने कहा कि ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में मौजूद व्यापक अवसरों के साथ भारत दीर्घकालिक पूंजी के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक के रूप में उभर रहा है। अदाणी समूह द्वारा आयोजित निवेशक सम्मेलन को संबोधित करते हुए अल्महेइरी ने कहा कि भारत वैश्विक निवेशकों को बड़े पैमाने पर वृद्धि के अवसरों के साथ-साथ दीर्घकालिक और मजबूत साझेदारी बनाने का मौका दे रहा है। उन्होंने कहा कि अदाणी समूह के साथ हमारी एक बहुत बड़ी साझेदारी है, जिसमें हम निवेश कर रहे हैं और हमें इस पर बेहद गर्व है।
करीब 234 अरब अमेरिकी डॉलर के बाजार पूंजीकरण के साथ पश्चिम एशिया की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों में से एक आईएचसी ने अदाणी समूह के साथ मिलकर नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी भंडारण, बिजली पारेषण (ट्रांसमिशन) और परमाणु से जुड़े अवसरों सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगभग दो अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इस सम्मेलन में 800 से अधिक निवेशकों, बैंकरों, फंड प्रबंधकों और कंपनियों के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में शामिल लोगों के अनुसार, इस सम्मेलन में अदाणी समूह ने अपने विस्तार के अगले चरण की योजनाओं की रूपरेखा साझा की और खुद को भारत के बुनियादी ढांचे तथा ऊर्जा निर्माण के केंद्र में स्थापित करने का प्रयास किया।
अदाणी समूह के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस अवसर का उपयोग ऊर्जा, लॉजिस्टिक, हवाई अड्डों, परिवहन बुनियादी ढांचे, डेटा सेंटरों और शहरी विकास से जुड़ी निवेश योजनाओं की रूपरेखा पेश करने के लिए किया। समूह ने पहले अगले चार वर्षों में लगभग 100 अरब डॉलर निवेश करने की योजना की घोषणा की थी, जहां अब अधिकारियों ने संकेत दिया कि परियोजनाओं के आगे बढ़ने के साथ यह आंकड़ा बढ़ सकता है। कार्यक्रम में शामिल लोगों के मुताबिक, सागर अदाणी ने प्रतिभागियों से कहा कि जैसे-जैसे बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ेगा और आर्थिक वृद्धि की रफ्तार तेज होगी, भारत अगले एक दशक में एक बेहद आकर्षक निवेश चरण में प्रवेश कर सकता है।










