बिजली उपभोक्ताओं को गलत बिल से मिलेगी राहत? योगी सरकार ने बढ़ाई निगरानी, हर हफ्ते होगी 7-10 बिलों की जांच

लखनऊ, 13 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को सही बिल उपलब्ध कराने और विद्युत वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए योगी सरकार ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। अब वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को हर सप्ताह सात से दस उपभोक्ताओं के बिजली बिलों की रैंडम जांच करनी होगी। गलत बिलिंग, बिल संशोधन में अनियमितता या शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही सामने आने पर संबंधित कार्मिक की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने वितरण निगमों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में राजस्व वसूली, लाइन हानि, बिलिंग, स्मार्ट मीटर स्थापना और ट्रांसफॉर्मरों की क्षतिग्रस्तता समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ विभागीय लक्ष्यों को तय समयसीमा में पूरा किया जाए।
हर सप्ताह होगी बिजली बिलों की रैंडम जांच
बिजली बिलों में गलत रीडिंग, अधिक राशि या संशोधन से जुड़ी समस्याएं उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने बिलिंग व्यवस्था की नियमित जांच पर जोर दिया। उन्होंने सभी वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को प्रत्येक सप्ताह सात से दस बिलों की रैंडम जांच करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों से कहा गया कि गलत बिल जारी होने की स्थिति में तत्काल सुधार किया जाए और बिल संशोधन के लंबित मामलों को निपटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। बिल संशोधन प्रक्रिया में अनियमितता रोकने और शिकायतों का समय पर समाधान करने के लिए भी निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य बिलिंग प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ाना और उपभोक्ताओं को अनावश्यक भागदौड़ से बचाना है।
राजस्व वसूली में पिछड़ने वाले क्षेत्रों पर नजर
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के राजस्व संग्रह और केवाईपी अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। रणवीर प्रसाद ने कम राजस्व प्राप्ति वाले क्षेत्रों में सुधार के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। पांच रुपये से कम थ्रू रेट वाले फीडरों की अलग से समीक्षा करने तथा सबसे अधिक लाइन हानि वाले 10 पोषकों को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने के निर्देश दिए गए।
सहारनपुर में 1.71 रुपये थ्रू रेट पर असंतोष जताया गया और सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। मुरादाबाद में भी राजस्व प्राप्ति कम होने पर संबंधित अधिकारियों को वसूली बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। बिजली की लाइन हानि कम करना और राजस्व संग्रह बढ़ाना विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
बड़े बकायेदारों को नोटिस देने के निर्देश
बिजली बिलों की बकाया राशि की वसूली के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बकायेदार उपभोक्ताओं के संबंध में ग्राम प्रधानों को पत्र भेजकर अवगत कराने को कहा गया। इसके साथ ही मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के गोला और नवाबगंज, गोंडा क्षेत्रों में बिलों की जांच करने के निर्देश दिए गए। इन क्षेत्रों में 10 बड़े बकायेदारों को चिह्नित कर नियमानुसार नोटिस जारी करने और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
ट्रांसफॉर्मर खराब होने की घटनाएं कम करने पर जोर
बैठक में बिजली आपूर्ति से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर भी चर्चा हुई। 100 केवीए से कम क्षमता वाले परिवर्तकों पर फ्यूज सेट लगाने का काम तेज करने और ट्रांसफॉर्मरों की क्षतिग्रस्तता कम करने के लिए तकनीकी उपाय अपनाने को कहा गया। स्मार्ट मीटर स्थापना और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बिजनेस प्लान 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करने के साथ एमबी, ईआरपी क्लोजर और अंतिम भुगतान से जुड़े मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि वितरण निगमों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए केवल लक्ष्य निर्धारित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित समीक्षा और समयबद्ध क्रियान्वयन भी जरूरी है। सही बिलिंग, शिकायतों का समाधान और राजस्व वसूली में सुधार के लिए सभी स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।



