योगी को रामलला का दर्शन किसने कराया? दान पात्र में अर्पित किया लिफाफा, चंपत राय रहे दूर

अयोध्या स्थित राम मंदिर इन दिनों चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और रामलला के दर्शन-पूजन कर मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर में चल रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब राम मंदिर के दान पात्र से जुड़े कथित गबन मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है। ऐसे में उनके इस दौरे पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर विशेष नजर बनी रही।

दिनेंद्र दास ने कराया रामलला का दर्शन

मुख्यमंत्री के दौरे से एक दिन पहले जिला प्रशासन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पत्र भेजकर अनुरोध किया था कि मुख्यमंत्री को दर्शन कराने के लिए ट्रस्ट की ओर से एक प्रतिनिधि नामित किया जाए। इसके बाद ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिनेंद्र दास के साथ रामलला के दर्शन किए। इस दौरान उन्हें मंदिर परिसर और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी गई।

दान पात्र में अर्पित किया लिफाफा

रामलला के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी जेब से एक लिफाफा निकाला और श्रद्धापूर्वक उसे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दान पात्र में अर्पित किया। मुख्यमंत्री के इस कदम को उनकी आस्था और श्रद्धा से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, लिफाफे में कितनी राशि थी, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और अधिकारियों के बीच मुख्यमंत्री के इस भावनात्मक कदम की भी चर्चा रही।

चंपत राय कार्यक्रम से रहे दूर

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय मंदिर परिसर में मौजूद नहीं रहे। जानकारी के अनुसार, वह राम जन्मभूमि परिसर से लगभग चार किलोमीटर दूर कारसेवकपुरम में थे।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद और चल रही एसआईटी जांच के बीच चंपत राय की अनुपस्थिति ने कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया। हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

ये नेता भी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री के साथ इस दौरान गोसाईंगंज विधायक अभय सिंह, प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही और अयोध्या के महापौर गिरीश त्रिपाठी भी मौजूद रहे। सभी ने रामलला के दर्शन किए और मंदिर परिसर का भ्रमण किया।

SIT जांच पर बनी हुई है नजर

राम मंदिर के चढ़ावे और दान राशि को लेकर उठे सवालों की जांच इस समय विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। मामले में कई नामों की चर्चा हो रही है और जांच एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जांच निष्पक्ष होगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि जांच पूरी होने तक अफवाहों और अटकलों से बचें तथा तथ्यों के सामने आने का इंतजार करें।

अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम पूरे किए और इसके बाद अन्य आयोजनों में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। वहीं राम मंदिर से जुड़े मामले में अब सभी की नजर SIT की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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